खाद्य पदार्थों में मिलावट खोरी को जिम्मेदार दे रहे संरक्षण। दलालों के साथ जाते है छापा मारने।
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खाद्य पदार्थों में मिलावट खोरी को जिम्मेदार दे रहे संरक्षण।
दलालों के साथ जाते है छापा मारने।
मध्य प्रदेश शासन व दमोह कलेक्टर के दिशा निर्देश पर चलाए जा रहे शुद्ध के लिए युद्ध मैं दमोह के जिम्मेदार खाद्य अधिकारी दे रहे संरक्षण।इन दिनों मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर खाने पीने की वस्तुओं में मिलावट खोरी को पाते हुए लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ ना हो इस मंशा से मध्य प्रदेश सरकार इन दिनो शुद्ध के लिए युद्ध स्तर पर कार्यवाही कर मिलावट खोरो पर नकेल कसने की कोशिश कर रही है लेकिन दमोह जिले में पदस्थ खाद्य अधिकारी जिले को अपनी वपौती

समझकर कार्य कर रहे हैं इन्हें लिखित शिकायत भी दी जा रही है और मिलावटी सामान का सैंपल और दुकानदार का पता उसके बावजूद भी खाद्य अधिकारी और उनकी टीम के द्वारा खाना पूर्ति कर जांच के नाम पर कुछ नहीं मिला कहकर कार्यवाही से बचते नजर आ रहे हैं जब कंज्यूमर ने इनसे फोन पर बात की तो महिला खाद्य अधिकारी द्वारा कंज्यूमर को उपभोक्ता फोरम जाने की

सलाह दी गई जब ग्राहक ने कहा हमें अधिक दामों पर समान नहीं मिला हैं तो मैं कंज्यूमर कोर्ट क्यों जाऊं तो उनका कहना था कि तो पुलिस में शिकायत कर दो मैं कार्रवाई नहीं करूंगी जब खाद्य अधिकारी मिलावट खोरो पर कार्यवाही नहीं करना चाहते तो यह छापामार कार्रवाई आए दिन व्यापारियों को मिलावट खोर सिद्ध करने के लिए की जाती है क्या क्योंकि इनके द्वारा अपना कैमरामैन और अपना पी आर ओ साथ में लेकर चलते हैं और दुकानदारों की फोटो खींचकर अखबारों में दे देते हैं कई दुकानदारों का यह भी कहना है कि जब छापामार कार्रवाई की जाती है और हमारे यहां से सैंपल कलेक्ट किए जाते हैं तब अखबारों में बड़ी-बड़ी फोटो लगाकर समाचार आता है जिससे हमारी दुकान की बदनामी होती है लेकिन जब वही सैंपल हमारा सही निकलता है तो कभी

इन्होंने किसी अखबार में खबर नहीं निकलवाई की हमने दमोह से 10 दुकानों के सैंपल कलेक्ट किए थे 10 में से इतनी दुकानों के सैंपल सही पाए गए इनके द्वारा जो कार्रवाई की जा रही है उससे कुछ व्यापारी भी नाराज दिखाई दे रहे हैं और उनकी कार्यवाही से लोगों में यह भी जन चर्चा है कि महज हफ्ता वसूली के लिए ही ओचक निरीक्षण किए जाते हैं अगर जब कंज्यूमर किसी मिलावट खोर की शिकायत लिखित दे रहा है तो भला इन्हें कार्यवाही से परहेज क्यों है
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