दमोह में प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम चल रहे शराब अहाते: कानून को चुनौती या प्रशासनिक संरक्षण?
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दमोह में प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम चल रहे शराब अहाते: कानून को चुनौती या प्रशासनिक संरक्षण?
दमोह।संपूर्ण मध्य प्रदेश में सरकार द्वारा शराब दुकानों पर शराब पिलाने (अहातों) पर सख्त प्रतिबंध लागू है, लेकिन दमोह नगर में यह आदेश कागजों तक ही सीमित नजर आ रहा है। नगर की लगभग सभी शराब दुकानों के बाजू या सामने अवैध रूप से अहाते संचालित हो रहे हैं, जहां खुलेआम ग्राहकों को बैठाकर शराब पिलाई जा रही है।
बीते दिनों कई शराब दुकानों के समीप चल रहे इन अवैध अहातों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इसके बाद पुलिस व आबकारी विभाग कुछ समय के लिए सक्रिय दिखाई दिया, लेकिन यह कार्रवाई केवल “दिखावटी” साबित हुई। कुछ ही दिनों बाद हालात फिर पहले जैसे हो गए और अवैध अहाते बेखौफ होकर दोबारा संचालित होने लगे।
अपराधों को मिल रहा बढ़ावा
इन अवैध अहातों का सीधा असर शहर की कानून-व्यवस्था पर पड़ रहा है। हाल ही में बस स्टैंड स्थित शराब दुकान के सामने शराब के नशे में धुत युवकों द्वारा तीन युवकों पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया। ऐसे मामलों में लगातार वृद्धि इस बात की पुष्टि करती है कि शराब दुकानों के आसपास बैठाकर शराब पिलाने से अपराध बढ़ रहे हैं। यही वजह थी कि सरकार ने अहातों पर प्रतिबंध लगाया था, ताकि आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

पुलिस-आबकारी की मिलीभगत के आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत से ही यह गोरखधंधा फल-फूल रहा है। कभी-कभार की जाने वाली कार्रवाई “मुंह देखी” होती है, जो कुछ ही समय में ठंडी पड़ जाती है। इससे यह संदेह गहराता जा रहा है कि अवैध अहातों से होने वाली मोटी कमाई का हिस्सा ऊपर तक पहुंच रहा है।
ग्राहकों की खुलेआम लूट
इन अवैध अहातों में शराब पीने वालों से जमकर अवैध वसूली की जा रही है।

25 पैसे का डिस्पोज़ल ₹5 में
25 पैसे का पानी पाउच ₹5 में
यानी एक गिलास और पानी के नाम पर ₹10 की अवैध वसूली।
अनुमान है कि इस तरह प्रत्येक अहाते से प्रतिदिन करीब ₹10,000 तक की कमाई की जा रही है। सवाल यह है कि यह रकम किन-किन जेबों तक पहुंच रही है?

कानून व्यवस्था पर खतरा
लगातार बढ़ती चाकूबाजी और मारपीट की घटनाएं यह स्पष्ट कर रही हैं कि दमोह नगर का आपराधिक रिकॉर्ड तेजी से बिगड़ रहा है। यदि समय रहते इन अवैध अहातों पर सख्त और स्थायी कार्रवाई नहीं की गई, तो अपराधियों के हौसले और बुलंद होंगे तथा जिले की कानून-व्यवस्था गंभीर संकट में पड़ सकती है।

अब देखना यह है कि इस खबर के सामने आने के बाद सिटी कोतवाली और आबकारी विभाग इन अवैध रूप से संचालित अहातों पर केवल औपचारिक कार्रवाई करते हैं या फिर वास्तव में सरकार के आदेशों का पालन कर दमोह को अपराध मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाते हैं।
अवैध शराब और अवैध वसूली पुलिस और आबकारी विभाग का जल्द करेंगे एक और बड़ा खुलासा पिक्चर अभी बाकी है
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