एक अक्टूबर से लागू होने वाले टीसीएस टैक्स को वापस लेने.. कैट और मध्य प्रदेश लघु व्यापारी संघ ने केन्द्र सरकार से मांग की.. इधर फूड सेफ्टी अथोरिटी के नये नियम को.. लघु व्यापारियों के लिये आर्थिक दुखदाई बताया! डेंजर भारत प्रमुख तनुज पाराशर
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एक अक्टूबर से लागू होने वाले टीसीएस टैक्स को वापस लेने.. कैट और मध्य प्रदेश लघु व्यापारी संघ ने केन्द्र सरकार से मांग की.. इधर फूड सेफ्टी अथोरिटी के नये नियम को.. लघु व्यापारियों के लिये आर्थिक दुखदाई बताया!
फूड सेफ्टी एण्ड स्टेण्डर्ड अथोरिटी द्वारा 4 सितम्बर 2020 को जारी अधिसूचना में जो नये नियम प्रस्तावित किये गये हैं वह छोटे एवं लघु व्यापारियों के लिये आर्थिक महामारी के रूप में होंगे। कैट ने कहा है कि अभी जो नई अधिसूचना जारी की है उसका खाद्य सुरक्षा और मानक नियम को लागू किया जिसमें कहा गया है कि

’’खाद्य उत्पाद जिसमें किसी प्रकार की चर्बी बढाने की संभावना है अथवा चीनी या सोडियम का कोई भी सामान किसी भी स्कूल के गेट से किसी भी सीमा में 50 मीटर की रेडियस परिधि में स्कूली बच्चों को सामान बेचने की अनुमति नहीं दी जायेगी। केन्द्र सरकार की हालिया अधिसूचना के संबंध में कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट)

दमोह अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, प्रदेश कार्यकारिणी द्वय सदस्य प्रमोद बजाज, जुगल अग्रवाल ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन, वाणिज्य मंत्री श्री पियूष गोयल को पत्र भेजकर FSSSAI के नियमों को वापिस लेने की मांग की है।

जिला प्रभारी माणिक चंद ने बताया कि कैट मध्यप्रदेश ने इन नियमों का विरोध करते हुये इसे बर्बर नियम करार दिया है। कैट अध्यक्ष भूपेन्द्र जैन महामंत्री मुकेश अग्रवाल ने कहा कि यह नियम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लोकल पर बोकल आत्म निर्भर भारत के आव्हान का उल्लंघन करता है।
यह कानून छोटे एवं लघु व्यापारियों का व्यापार छीनेगा, FSSSAI के इस नियम को तुरन्त वापिस लेने का आवाहन किया है। कैट ने सरकार से मांग की है। इसके लिए FSSSAI की जितनी आलोचना की जाये कम है।

साथ ही सरकार द्वारा जो लघु व्यापारियों को किया जा रहा उसका समर्थन करते हैं केंद्र सरकार द्वारा एक योजना लघु व्यापारियों के लिए लाई गई जो कि लघु व्यापारियों के हित में है इसकी जानकारी भी मध्य प्रदेश लघु व्यापारी संघ के जिलाध्यक्ष तनुज पाराशर ने दी
लघु व्यापारी मानधन योजना का 55 रुपये प्रतिमाह से प्रीमियम शुरू होता है. प्रीमियम की रकम बढ़ती उम्र के हिसाब से 200 रुपये महीने तक हो सकती है. व्यापारी जितना प्रीमियम देगा उतना ही केंद्र सरकार भी स्कीम में उसके नाम पर डालेगी. स्कीम का लाभ लेने के लिए व्यापारी को आधार कार्ड देना होगा.13 नव॰ 2019
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