संतोष विश्वकर्मा की रहस्यमय मौत पर कब तक उठेगा पर्दा दमोह जिले के एक व्यापारी द्वारा अपने ही कर्मचारी की हत्या का मामला! डेंजर भारत प्रमुख तनुज पाराशर
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जिला दमोह मैं दुकान में चोरी के शक में नौकर (मिस्त्री) के साथ मारपीट करना एक व्यापारी के लिए महंगा पड़ गया है। मारपीट के बाद गंभीर रूप से घायल हुए नौकर की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई। जिसके बाद पुलिस ने दुकान मालिक उसके बेटे और भतीजे पर हत्या का मामला दर्ज करके दो लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मूल रूप से लुहारी गांव का निवासी तथा वर्तमान में जटाशंकर कॉलोनी में निवासरत संतोष विश्वकर्मा सिंधी कैंप निवासी पप्पू सिंधी की सरस्वती स्कूल के सामने स्थित प्लाई हार्डवेयर की दुकान में मिस्त्री कारीगिरी कार्य करता था। करीब 15 दिन पूर्व दुकान में रखे साढ़े चार लाख रुपए आश्चर्यजनक ढंग से गायब हो गए थे। वहीं उसके बाद से संतोष ने दुकान पर जाना बंद कर दिया था। जिसके बाद दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाले जाने पर संतोष विश्वकर्मा पर चोरी का शक होने पर पप्पू सिंधी ने उसे फोन करके दुकान पर बुलाया। तथा पप्पू सिंधी उसके बेटे और भतीजे ने उसके साथ मारपीट की चोरी के बारे में पूछताछ की । लेकिन संतोष ने जब चोरी करना कबूल नहीं किया तथा उसकी हालत बिगड़़ने लगी तो कल शाम पप्पू सिंधी व उसका भतीजा संतोष को लेकर कोतवाली पहुच गए। जहां उनके बीच राजीनामा हो जाने पर संतोष को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

इस पूरे घटनाक्रम में खास बात यह है कि कोतवाली पुलिस तथा परिजनों को चोरी के आरोप तथा मारपीट के इस घटनाक्रम की कल ही जानकारी लग गई थी लेकिन कोतवाली पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेकर कार्रवााई करना जरूरी नहीं समझा। वहीं कोतवाली पुलिस के सामने राजीनामा हो जाने पर न दुकानदार ने चोरी की शिकायत दर्ज कराई और ना नौकर के परिजनों ने मारपीट की शिकायत की। यहां तक की संतोष की पत्नी ने उसे अस्पताल में भर्ती कराने के दौरान चोटों की वजह एक्सीडेंट बताई थी। लेकिन आज उसकी मौत की बात दर्ज कराई गई है। जिससे संपूर्ण मामला शक के दायरे में आता है अब देखना होगा इस हत्याकांड की पुलिस जांच कर कब तक पर्दाफाश करती है
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