दमोह के नटवरलाल ने फिर की ठगी ग्रामीणों को बनाया अपनी ठगी का शिकार आप इस व्यक्ति के बारे में जानेंगे तो चौक जाएंगे दमोह के नटवरलाल की कहानी! डेंजर भारत प्रमुख तनुज पाराशर
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जी हां यह मामला दमोह जिले का है दमोह जिले में एक ऐसा नटवरलाल है जो कि अपनी ठगी का शिकार बनाने में माहिर है इस की ठगी इतनी अनोखी होती है कि यह कई सालों में पकड़ा जाता है ज्यादातर ठगी के मामले इसके द्वारा प्रशासन के दस्तावेजों के है पूर्व में करीब 5 साल पहले किशोर दुबे जोकि सिविल वार्ड निवासी है इसके द्वारा 100 से अधिक दमोह जिले में फर्जी पट्टे जो दमोह जिले की सिटी से लगी हुई शहरी क्षेत्रों के लोगों को इसके द्वारा कलेक्टर की फर्जी हस्ताक्षर बनाकर लोगों को बांट दिए गए थे उस मामले में यह जेल की हवा भी खा चुका है अब कल इसकी ठगी के शिकार बने ग्रामीण अंचल में फॉरेस्ट विभाग के डीएफओ वन विभाग के सागर रेंज के c c f के फर्जी हस्ताक्षर कर वन भूमि के फर्जी पट्टे ग्रामीणों को 5 से ₹10000 लेकर इसके द्वारा बांटे गए जिसकी शिकायत होने पर एफ आई आर दर्ज के बाद

सिग्रामपुर वन परिक्षेत्र के सगोड़ी खुर्द में 77 से अधिक फर्जी वनाधिकार पट्टे बनाने का जांच में सामने आया गड़बड़ झाला !
दमोह की पुरानी कलेक्ट्रेड में बैठकर वनाधिकार के फर्जी पट्टे बनाने का मामला सामने आया है जिसमे सिग्रामपुर वन परिक्षेत्र में फर्जी वनाधिकार पट्टे वितरण करने का फर्जीवाड़ा जैसे ही आदिम जाति कल्याण विभाग के सज्ञान में आया तो मामले की जांच के लिए कलेक्टर तरुण राठी डीएफओ विपिन पटेल के द्वारा जांच गठित की गई जिसमें आदिम जाति कल्याण विभाग जिला संयोजक रेखा पंचाल वन विभाग के एसडीओ धीरेंद्र प्रताप सिंह रेंजर वी एस राजपूत जबेरा नायब तहसीलदार रोहित सिंह राजपूत के द्वारा आज रेंज के गांव सगोड़ी खुर्द आम घाट पहुंचकर वनाधिकार पट्टे की जांच की गई और पट्टे मिलने वाले ग्रामीणों से बात की गई तो गांव के एक ग्रामीण नन्ना ने जांच टीम को बताया कि पुरानी कलेक्ट्रेड में 5 हजार लेकर वनाधिकार के पट्टे वनाये जाते थे जिसकी एवज में किशोर दुवें के द्वारा वनवासियों से 5 हजार तंक की वसूली की जाती थी जिसकी जांच संयुक्त टीम के द्वारा आज सगोड़ी खुर्द पहुंचकर की गई! टीम के समक्ष ग्रामीणों के कथन दर्ज करने पर बताया गया कि कलेक्ट्रेड में बैठने वाले व्यक्ति किशोर दुवें नाम के व्यक्ति फर्जी वनाधिकार पट्टे बनाकर दिए गए है जवकि

वनाधिकार के पट्टे लिए हितग्राही को ऑनलाइन आवेदन करने की व्यवस्था शासन के द्वारा की गई है लेकिन भोले भाले ग्रामीणों को फर्जी वनाधिकार पट्टे देने का गिरोह दमोह जिले में जमकर सक्रिय होने का मामला सामने आ रहा जिसकी जानकारी जैसे आदिम जाति कल्याण विभाग जिला संयोजक रेखा पंचाल के द्वारा फर्जी वनाधिकार पट्टे देने के आरोपों से घिरे किशोर दुवें पर दमोह कोतवाली एफआईआर दर्ज की गई मामला पुलिस की जांच जिसमे फर्जी तरीके से पट्टे बनाकर वनवासियों को वितरित करने वाले गिरोह का खुलासा होने की उम्मीद की जा रही है! दमोह से आयुष सिंह और जबेरा से मयंक जैन की रिपोर्ट
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