कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री राठी और पुलिस अधीक्षक श्री चौहान ने चुनाव संबंधी दी अहम जानकारी! डेंजर भारत प्रमुख तनुज पाराशर
1 min read
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|

दमोह कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री तरुण राठी ने बताया मतदान 17 अप्रैल एवं मतों की गणना 2 मई को की जाएगी। साथ ही 4 मई तक निर्वाचन की संपूर्ण प्रक्रिया पूरी होगी। जिले में मतदाता की संख्या 239709 मतदाता है जिनमें 1 लाख 24 हजार 293 पुरुष एवं 1 लाख 15 हजार 408 महिलाएं शामिल है, इनमें 8 थर्ड जेंडर मतदाता भी है। यह जानकारी गत दिवस स्टेडिंग कमेटी की बैठक में श्री राठी ने विधानसभा उप-निर्वाचन की घोषणा उपरांत साझा की।
उन्होंने कहा कोविड-19 की गाइडलाइन के तहत 70 सहायक मतदान केंद्र बनाए गए हैं, इस प्रकार 359 मतदान केंद्र हैं, जो कि 202 लोकेशन पर स्थित है। उन्होंने कहा वल्नरेबल मैपिंग एवं क्रिटिकल मैपिंग कार्यवाही कल से सेक्टर अधिकारी जिनको नियुक्त किया गया है 41 सेक्टर है। वह कल से अपना दौरा करेंगे और वल्नरेबल मैपिंग कोई ऐसा क्षेत्र है जहां पर संभावना है, अपने मताधिकार का प्रयोग लोकतांत्रिक तरीके से ना कर पाए अगर ऐसे कोई क्षेत्र निकल कर आते हैं तो पुलिस और प्रशासन के सहयोग से वह अपनी रिपोर्ट देंगे उसके आधार पर वल्नरेबल मैपिंग की जायेगी।
पुलिस अधीक्षक हेमंत चौहान ने कहा चुनाव कराने में जो महत्वपूर्ण भूमिका है वह पुलिस निभाएगी। डेप्लॉयमेंट प्लान टेंटेटिव वह भी हो गया है, फाइनल चर्चा हो कर उसको मूल स्वरूप दिया जाएगा। सभी से अनुरोध है कि आदर्श आचार संहिता का पालन करें, किसी भी प्रकार की कोई शिकायत होती है तत्काल अवगत करायें। इसीक्रम में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अभिषेक ठाकुर ने निर्वाचन संबंधी अहम जानकारियां दी।

मास्टर ट्रेनर्स दिलीप जोशी के द्वारा आदर्श आचार संहिता के संबंध में विस्तृत रूप से बताया कि निर्वाचन आयोग के द्वारा जो नियम बनाए गए हैं, उनका पालन हम सभी के द्वारा किया जाना चाहिए, ताकि चुनाव प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शी रुप से संपन्न हो सके। श्री दिलीप जोशी ने बताया कि इस बार विधानसभा उपचुनाव में बीएलओ के द्वारा वोटर इनफार्मेशन स्लिप का वितरण किया जाएगा, जिसमें मतदान की दिनांक, समय व स्थान आदि का नाम होगा परंतु यह मतदाता के लिए पहचान पत्र के रूप में मान्य नहीं होगा। यह केवल मतदाता की साधारण जानकारी होगी। मतदान के दिन मतदाता के लिए भारत निर्वाचन आयोग से निर्धारित 12 अभिलेखों में से कोई एक अभिलेख साथ में लाना होगा, तभी मतदान किया जा सकेगा।

बैठक के दौरान बताया गया सभी राजनीतिक दलों के सभा स्थल की अनुमति ली जाना होगी, बिना अनुमति के सभा का आयोजन पाया जाता है तो इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा एवं कार्यवाही की जाएगी। यदि किसी राजनैतिक दलों के द्वारा जुलूस, आमसभा का आयोजन किया जाता है तो आयोजन के पहले अनुमति प्राप्त जाए। किसी भी जुलूस आदि में शस्त्र/हथियार लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी, यह राजनैतिक दलों की भी जवाबदारी है कि कोई भी व्यक्ति जुलूस आदि में शस्त्र/हथियार लेकर ना चले। शस्त्र/हथियार पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेंगे। आदर्श आचार संहिता अनुसार मतदान के 48 घंटे पूर्व प्रत्याशी को 03 वाहन की अनुमति होगी, जिसमें पहला वाहन प्रत्याशी के लिए, दूसरा वाहन एजेंट के लिए एवं तीसरा वाहन अन्य लोगों के लिए होगा। आदर्श आचार संहिता संपूर्ण दमोह जिले में प्रभावी होगी।

राजनीतिक दलों के द्वारा जो भी पंपलेट, बैनर, पोस्टर बनवाए जाएं उस पर मुद्रक नाम व पता, मुद्रण की संख्या आदि प्रिंट होना आवश्यक है, यदि पंपलेट की छायाप्रति भी कराई जाए तो उस पर उक्तानुसार प्रिंट होना चाहिए। नाम-निर्देशन के समय कोविड-19 के संक्रमण के कारण रिटर्न रिटर्निंग ऑफिसर के पास केवल दो व्यक्तियों को जाने की अनुमति होगी।

सहायक नोडल व्यय-लेखा श्री सौरव सेलेट ने बताया कि प्रत्येक प्रत्याशी को अपने प्रचार-प्रसार हेतु व्यय लेखा के संधारण हेतु एक रजिस्टर प्रदाय किया जाता है जिसमें समस्त आय-व्यय का उल्लेख किया जाए। प्रत्येक प्रत्याशी 10 हजार से ज्यादा नगद का भुगतान नहीं कर सकता है, यदि 10 हजार से ज्यादा का भुगतान किया जाता है तो चेक आदि से भुगतान किया जाए और रजिस्टर में एंट्री की जाए। भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा इस अधिकतम व्यय की सीमा राशी 3080000 रुपए रखी गई है, इससे अधिक व्यय पाया जाता है तो आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए आयोग के निर्देशानुसार कार्यवाही की जाएगी। प्रत्याशी का जो भी प्रचार-प्रसार की सामग्री अपने दल से प्राप्त होती है, उसकी जानकारी पत्र के माध्यम से प्रदान करनी होगी। प्रत्याशी या एजेंट के द्वारा जो भी वाहन की अनुमति प्राप्त की जाती है, अनुमति पत्र को वाहन पर चस्पा करना अनिवार्य होगा। साथ ही प्रत्याशी के पक्ष में जुलूस, आमसभा आदि के आयोजन के पहले अनुमति प्राप्त करनी होगी साथ ही यह भी बताना होगा कि जुलूस/आमसभा में कितने संभावित व्यक्ति होंगे, कितनी कुर्सी लगाई जाएंगी, कितना पंडाल लगाया जाएगा आदि। इसी प्रकार स्टार प्रचारक यदि निर्वाचन क्षेत्र में प्रचार करने हेलीकॉप्टर से आते हैं तो हेलीपैड का भुगतान पीडब्ल्यूडी, फायरब्रिगेड का भुगतान नगरपालिका, इसी प्रकार सुरक्षा एवं एंबुलेंस आदि का भुगतान पहले से करना संबंधित शाखा को करना होगा, जिसकी रसीद सुरक्षित रखी जाए,यह खर्च प्रत्याशी के खाते में जोड़ा जाएगा।

नोडल अधिकारी व्यय-लेखा श्री आर के मिश्रा द्वारा बताया गया कि आयोग का उद्देश्य है कि समस्त चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी हो इसके लिए आवश्यक है कि सभी राजनैतिक दल आदर्श आचार संहिता का पालन करें। व्यय दल सभी खर्चो पर नजर रखता है, इसलिए सभी व्यय वैद्य रूप से किए जाएं। सभी प्रत्याशी के द्वारा पृथक से खाता खोला जाए, व्यय पंजी/रजिस्टर का संधारण किया जाएगा, दिनांकबार सभी आय-व्यय को अंकित किया जाए, आय-व्यय के संधारण हेतु प्रथक से प्रशिक्षण रखा जाएगा। इस अवसर पर राजनैतिक दलों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space






