नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 81090 62404 , +91 81090 62404 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , ब्लैक फंगस म्यूकर मायकोसिस चिकित्सक को कब दिखाये जांच कैसे की जाती है उपचार के विकल्प बचाव कैसे करें! डेंजर भारत प्रमुख तनुज पाराशर{ दादा भाई} – DB News – Danger Bharat News

लाइव कैलेंडर

February 2026
M T W T F S S
« Jan    
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  

LIVE FM सुनें

DB News – Danger Bharat News

www.dangerbharatnews.com

ब्लैक फंगस म्यूकर मायकोसिस चिकित्सक को कब दिखाये जांच कैसे की जाती है उपचार के विकल्प बचाव कैसे करें! डेंजर भारत प्रमुख तनुज पाराशर{ दादा भाई}

1 min read
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

ब्लैक फंगस म्यूकर मायकोसिस
डरें नहीं घबराये नहीं

-चिकित्सकीय परामर्श लें-

कोविड महामारी के इस डरावने दौर में एक अन्य बीमारी की दबे पांव दस्तक हो गई है।जो कुछेक कोविड के उन मरीजों में हो रही है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता किसी भी वजह से पहले से ही कम थी,जैसे कि डायबिटीज के मरीज,किडनी पीड़ित मरीक,HIV संक्रमित मरीज आदि।कोविड के इन मरीजों को उनकी जान बचाने के लिये स्टेरॉयड का भी डोज़ दिया जाता है।और ये स्टेरॉयड भी कहीं न कहीं इम्यूनो सपप्रेसेंट होते हैं।कुल मिलाकर ये सभी फैक्टर इस बीमारी को बढ़ने में मददगार होते हैं।

*चिकित्सक को कब दिखाये-*
जब आपको लगातार एकतरफा नाक दर्द,आंख दर्द,सरदर्फ़ एवं इन्ही हिंस्सो में सूझन आ रही हो,नाक से डिस्चार्ज काले कण आ रहे हों,नाक बंद हो रही हो,आपके तालु पर दर्द और छाले पड़ गए हों,दांत और जबड़ों में दर्द हो,कुल मिलाकर आपको एक्यूट साइनोसाइटिस के लक्षण हों और…

1.यदि आपको पिछले 10दिन में कोविड संक्रमण के कारण भर्ती होना पड़ा हो।

2.यदि आपको ऑक्सीजन लगाई गई हो।
3.यदि आप डायबिटिक है,या पोस्ट कोविड पीरियड में आपका ब्लड शुगर बढ़ा हुआ है।
4.यदि आप इम्यूनो सप्रेसेंट दवाओं का सेवन करते हों,HIV के मरीज हों,किडनी की बीमारियों से पीड़ित हों।
5.आपको लक्षणों की गम्भीरता के कारण आई सी यु में भर्ती होने पड़ा हो।

*जांच कैसे की जाती है-*
1.क्लीनिकल परीक्षण जो कि ENT चिकित्सक/दन्त चिकित्सक द्वारा किया जाएगा।
2.एंडोस्कोपी में काले फंगस का नाक के अंदर दिखाई देना।
3.तालु में भूरे काले रंग का गहरा दाग या छाला पाया जाना।
4.बायोप्सी एवम हिस्टो पैथोलॉजिकल परीक्षण।

 

*उपचार के विकल्प-*
फिलहाल सीमित उपचार के विकल्प हैं, छोटे शहरों में इसके उपचार की दवाएं पोसाकोनाजोल एवं एम्फोटेरिसिन बी के इंजेक्शन फिलहाल उपलब्ध नही है शीघ्र ही उपलब्धता होगी।
उपचार के पूर्व जांच में यह तय होना जरूरी है कि वास्तव में ,क्या ये यही बीमारी है…तदानुसार उपचार के 3 विकल्प हैं।
1.प्राथमिक उपचार -पोसाकोनाजोल दो सप्ताह तक चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार
2.एम्फोटेरिसिन बी के इंजेक्शन द्वारा उपचार
3.सर्जरी

उपचार कुल समयावधि 2-6 महीने तक हो सकती है।तथा उपचार काफी खर्चीला हो सकता है।

*बचाव कैसे करें..* .
1.अनुशासित ब्लड शुगर नियंत्रण
2.ऑक्सीजन के फ्लॉमीटर में नियमित रूप से पानी का बदलाव
3.मास्क और अन्य उपकरणों की प्रतिदिन सफाई
4.डिस्चार्ज के बाद नार्मल सेलाइन से जलनेति एवम कुल्ले करना
5.किसी भी उपर्लिखित लक्षणों को पहचान कर शीघ्र ही चिकित्सकीय परामर्श लेना।
6.आवश्यक हो तो डिस्चार्ज के 1हफ्ते के अंदर चिकित्सक को एक बार अवश्य दिखाएं।एंडोस्कोपी करा लें।

यह बीमारी कोविड की तरह संक्रामक नही है,अतः घबराने की आवश्यकता नही है,समय पर बीमारी की पहचान एवम उपचार आपका जीवन बचाएगी।

डॉ विशाल शुक्ला
(नाक कान गला रोग चिकित्सक)
(जिला चिकित्सालय दमोह)

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now