नगरपालिका की उदासीनता से हो रहा है नगरपालिका को राजस्व का नुकसान लेकिन नगरपालिका नहीं दे रही इस और कोई ध्यान!
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नगरपालिका की उदासीनता से हो रहा है नगरपालिका को राजस्व का नुकसान लेकिन नगरपालिका नहीं दे रही इस और कोई ध्यान!
दमोह जिला नगरपालिका इन दिनों गहरी कुंभकरणीय निद्रा में सोई हुई है जिसे जगाने की लाख कोशिश की जा रही है लेकिन वह अपनी नींद छोड़ने को तैयार नहीं है नगर पालिका की कुंभकरणीय निद्रा के कारण नगर पालिका को लाखों रुपए का राजस्व का नुकसान हो रहा है और नगरपालिका नींद से जागने को तैयार नहीं है आज से कुछ महीने पहले मरोठी गार्डन संचालक द्वारा इमली के हरे भरे वृक्ष काट दिए गए थे जिसकी शिकायत नगर

पालिका से की गई थी जिस पर नगर पालिका ने कोई ध्यान नहीं दिया और ना ही मरोठी गार्डन के संचालक पर कोई चालानी कार्यवाही की बल्कि लाखों रुपए की लकड़ी मरोठी गार्डन में आज भी यूं ही पड़ी पड़ी चोरी हो रही है जबकि पिछले वर्ष सर्दियों के वक्त जो नगर पालिका द्वारा अलाव की व्यवस्था कराई जाती है उसमें वन विभाग द्वारा नगरपालिका को जलाऊ लकड़ी नहीं दी गई थी और बताया गया था कि नगरपालिका का पुराना पेमेंट बाकी है इस बात की चौराहों पर जमकर चर्चा रही! अगर नगर पालिका द्वारा मरोठी गार्डन के संचालक पर चालानी कार्रवाई की जाती तो हजारों रुपए के चालान के रूप में राजस्व प्राप्त होता और नगरपालिका की

कुंभकरण की नींद के कारण जो लाखों रुपए की लकड़ी नगरपालिका को शीतकालीन सत्र में चौराहों पर अलाव के लिए काम आ सकती थी ना उसको उठाया गया अगर नगरपालिका उस लकड़ी को उठवा कर नीलाम ही कर दी थव होती तो वह लकड़ी लाखों की कीमत नगरपालिका को दे सकती थी ऐसे ही नगरपालिका बाजार बैठकी का ठेका ना कराकर सरकार को लाखों का राजस्व का

नगर पालिका से वास्तु दोष हटाने में कितने रुपए हुए खर्च
नुकसान कर रही है जबकि अगर बाजार बैठकी के ठेके प्राइवेट व्यक्तियों को दिए जाएं तो नगरपालिका को बाजार बैठकी के माध्यम से हर सप्ताह लाखों रुपए की आमदनी हो सकती है लेकिन नगरपालिका खुद वसूली करती है जिससे नगर पालिका को हर सप्ताह लाखों रुपए राजस्व का नुकसान हो रहा है नगर पालिका को हो रहे राजस्व के नुकसान और भी हैं अगले समाचार में बताते हैं
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