दमोह रेलवे स्टेशन के इंचार्ज एसएस जल सिंह मीना द्वारा हैंडीकैप को किया जा रहा परेशान नहीं दिया जा रहा सरकारी लाभ।
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दमोह रेलवे स्टेशन के इंचार्ज एसएस जल सिंह मीना द्वारा हैंडीकैप को किया जा रहा परेशान नहीं दिया जा रहा सरकारी लाभ।
कोई भी व्यक्ति विकलांग होना नहीं चाहता है लेकिन किसी कारणवश उनको विकलांगता आ जाती है तो सरकार ने उनके लिए बहुत से प्रावधान कर रखे हैं ।

उन्हीं प्रावधानों में से एक प्रावधान सरकार के द्वारा दिव्यांग जन को रेलवे में 25 परसेंट टिकट का प्रावधान है। और रेलवे द्वारा भी दिव्यांग जनों को रेलवे से प्रमाण पत्र जारी होते हैं जिसे सरकार ने ई टिकिट के लिए मान्यता दी है जिसका लाभ दिव्यांगजन खिड़की एवं ई टिकिट के माध्यम से भी ले सकते हैं जो कि 5 साल के लिए ही बैलेट होता है।

दिव्यांग जनों को सरकार की योजनाओं के अंतर्गत कई बातें पता नहीं होती जिसका उन्हें लाभ मिलना चाहिए ऐसे ही लोगों को दमोह के स्टेशन प्रबंधक एसएस मीना और उनके स्टाफ द्वारा दिव्यांग जनों को गुमराह किया जाता है और कहा जाता है कि रेलवे का प्रमाण पत्र लेकर आओ जबकि सरकार द्वारा सरकारी अस्पताल से जारी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं जिसे यह मानने से इनकार कर रहे हैं और कह रहे हैं कि हमें रेलवे द्वारा जारी प्रमाण पत्र चाहिए जबकि सरकार की मंशा अनुसार हर दिव्यांग को उसका लाभ मिलना चाहिए सरकार की मंशा पर दमोह रेलवे के कर्मचारी पलीता लगाते नजर आए जब एक दिव्यांग दमोह रेलवे स्टेशन पर पहुंचा तो उन्होंने उसे परेशान करने के उद्देश्य से उसके दिव्यांग प्रमाण पत्र जो कि जिला अस्पताल से परमानेंटली 60 परसेंट जारी हुआ है

उसे मानने से ही इंकार कर दिया और उसे सरकार की योजना से वंचित कर रहे हैं जब हमने दमोह के स्टेशन मास्टर एसएस मीना से जानकारी चाही तो उन्होंने भी शाम को बात करने को कहा लेकिन वह भी टिकट खिड़की पर पदस्थ अधिकारी सुरेश कुमार ताम्रकार की भांति बताते नजर आए रेलवे द्वारा जारी प्रमाण पत्र ही हम लोग लेते हैं और अस्पताल द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र नहीं मानते दिव्यांगजन का कहना है कि मैं अब इसकी शिकायत रेल मंत्री से करूंगा।
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