सोजना गांव में अनोखे अंदाज में मनाई जाती है देव उठनी ग्यारस।
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सोजना गांव में अनोखे अंदाज में मनाई जाती है देव उठनी ग्यारस।
हटा समीपस्थ ग्राम सोजना में कई वर्षों से निरंतर अजब गजब अंदाज में मनाई जाती है देवउठनी ग्यारस, क्या है इस गांव में देवउठनी ग्यारस का रहस्य यूं तो आज भगवान विष्णु जी एवं सभी देवी देवता का निद्रा से जागने का दिन है, एवं इस दिन सभी लोग अपने अपने घरों में तुलसी शालिग्राम महाराज जी का पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना कर विवाह संपन्न करवाते है, ग्राम के ही समाजसेवी पं सुशील व्यास ने बताया कि आज से विवाह मुहूर्त और सभी शुभ मुहूर्त बनने का संयोग शुरू हो जाता है ।

मान्यता है कि देवी-देवताओं के जागने की खुशी में यहां के सभी लोग इस त्यौहार को बड़ी धूम-धाम एवं खुशी से मनाते हैं सुबह से ही महिलाएं पुरुष भजन कीर्तन में देर रात तक मग्न रहते हैं,इस दिन गांव में किसी के घर भोजन नहीं बनता है देवउठनी ग्यारस के 3 दिन पहले से ही महिलाएं अपने घरों में कई तरह के व्यंजन बनाना शुरु कर देती हैं, जैसे कि हर घर में सदियों से मिठाई बनाने का चलन चला आ रहा है जिसमें देवउठनी ग्यारस के दिन कई तरह की मिठाईयां एवं रसगुल्ले गुजिया सिंघाड़ा गन्ना कुमड़ा की फाकें महावरी आदि कई तरह के पकवान परंपरागत पुरानी प्रथा से बनते चले आ रहे हैं।

सुशील व्यास जी ने बताया कि 2 दिन पूर्व से ही दूर दराज से प्रत्येक घर में रिश्तेदारों का आगमन हो जाता है और खूब पकवान खाकर लुफ्त उठाते हैं , कई पीढ़ियों से हटा से नेमा परिवार अपनी अपनी मिठाइयों की दुकानें लेकर चले आ रहे हैं और 8 से 10 क्विंटल की बिक्री कर जाते हैं , इस दिन वीच बस्ती में भारी हुजूम खरीदारी के लिए उमड़ता है ,

ग्राम के ही बड़े बुजुर्गों किशोर सिंह खिलान सिंह सेवक पटेल स्वरूप सिंह दुर्गा नामदेव ठाकुरदास प्रमोद पटेल देशराज सिंह रम्मू सिंह रोहित सेन से इस विषय में चर्चा की तो उन्होंने बताया कि हमारे बड़े बुजुर्ग कई पीढ़ियों से इस प्रथा को निरंतर चलाते चले आ रहे है। संपूर्ण मध्यप्रदेश में ऐसी देवउठनी ग्यारस कहीं नहीं मनाई जाती है जो सोजना गांव में मनाई जाती है। एवं इस दिन रात्रि में लक्ष्मी मां की पूजा भी की जाती है।
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