दमोह जिले में निरंतर हो रही चाकूबाजी की घटनाओं को उजागर करने वाले पत्रकार पर बनाया जा रहा फर्जी मुकदमे
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दमोह जिले में निरंतर हो रही चाकूबाजी की घटनाओं को उजागर करने वाले पत्रकार पर बनाया जा रहा फर्जी मुकदमे।
आपको बता दें कि दमोह जिले में निरंतर बढ़ते अपराध को अंकुश लगाने के उद्देश्य से पत्रकारों द्वारा निरंतर पुलिस प्रशासन को आईना दिखाया जा रहा है और इसके बावजूद भी दमोह जिले में अपराध का ग्राफ गिरने का नाम नहीं लिया जा रहा जिसकी खबरें आए दिन कुछ पत्रकारों द्वारा उठाई जा रही हैं जिन्हें दमोह पुलिस द्वारा अब टारगेट कर उनके ऊपर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं ताजा मामला बीते कल का है जहां पर एक व्यापारी के साथ टॉकीज चौराहे के दस्यु सरगना ढोल चौरसिया द्वारा व्यापारी के साथ मारपीट की गई उसकी दुकान पर जाकर बीच-बचाव के दौरान पत्रकार को आई चोट के बावजूद भी पत्रकार के ऊपर फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया जबकि पत्रकार द्वारा उस घटना को कवर किया और घटना को रोकने एवं घटना कहीं बड़ा रूप ना ले ले इस उद्देश से पुलिस कंट्रोल रूम को फोन लगाया गया जिस पर पुलिस कंट्रोल द्वारा पुलिस तो आई लेकिन पुलिस के सामने ही बदमाश व्यापारी को गाली गलौज करते रहे उसके बावजूद भी पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही ना कर दोनों को कंप्रोमाइज कराने में लगी रही

लेकिन घटना व्यापारी के साथ हुई थी और गवाह पत्रकार था जो दमोह में हो रहे अपराधों पर निरंतर अपनी रिपोर्ट द्वारा जनता को बता रहा था कि दमोह में कैसे अपराध बढ़ रहे हैं और अपराध पर कोई अंकुश नहीं लगाया जा रहा यही वजह थी कि दमोह पुलिस द्वारा बीच-बचाव करने वाले पत्रकार पर भी एफ आई आर दर्ज कर ली गई जबकि पत्रकार अधिनियम के अंतर्गत पहले जांच की जानी चाहिए उसके पश्चात पत्रकार के ऊपर f.i.r. की जा सकती है लेकिन नियमों को ताक पर रखकर दमोह पुलिस द्वारा पत्रकार पर ही f.i.r. कर दी गई और बदमाशों पर भी वही धाराएं लगाई गई जो पत्रकार के ऊपर लगाई गई इससे स्पष्ट होता है कि पुलिस द्वारा कंप्रोमाइज कर f.i.r. ना लिखाई जाने के कारण दोनों पर एक सा मुकदमा कायम किया गया ताकि अदालत में कंप्रोमाइज हो जाए। आज दमोह एसपी से मिलकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर f.i.r. रद्द करने की मांग की गई साथ ही सागर कमिश्नर और आईजी को भी लिखित आवेदन दिया गया। भले ही मामला छोटा सा है लेकिन मामला फर्जी है 323 506 294 34 यह धाराएं कोई बड़ी धाराएं नहीं है लेकिन प्रशासन का रवैया किस प्रकार से है । यह सच्चाई सामने आनी चाहिए। युवा पत्रकार कल्याण संघ द्वारा कल आईजी कमिश्नर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा जिसमें अगर पत्रकार को ऐसे ही बेवजह फंसाने का प्रयास किया गया तो उसकी जिम्मेदारी संपूर्ण जिला प्रशासन की होगी।
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