इन दिनों मध्य प्रदेश में चल रही अफसरशाही के खिलाफ में मध्य प्रदेश के सभी जिलों में पत्रकार भाजपा से नाराज दिखाई दे रहे हैं। तो वही प्रदेश की जनता भी नाराज दिखाई दे रही है।
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इन दिनों मध्य प्रदेश में चल रही अफसरशाही के खिलाफ में मध्य प्रदेश के सभी जिलों में पत्रकार भाजपा से नाराज दिखाई दे रहे हैं। तो वही प्रदेश की जनता भी नाराज दिखाई दे रही है।
लगातार पिछले 25 वर्षों से प्रदेश की कमान भा जा पा के हाथों में आने से भाजपा के बड़े नेताओं द्वारा सभी नियंत्रण अपने पास रखे गए हैं यहां तक कि जिले के निकाय क्षेत्र के छोटे नेताओं की भी नहीं सुनी जाती अगर नगर पालिका थाना अस्पताल स्तर की समस्याएं छोटे नेता अफसरों के पास जनता की समस्या लेकर जाते हैं तो अफसर उन छोटे नेताओं की भी नहीं सुनते एवं अपनी समस्या को लेकर पत्रकारों के पास जाते हैं तो पत्रकार अपना कर्तव्य निभाते हुए हर समस्या से सरकार को अवगत कराते हैं और समाचार निकालते हैं लेकिन उन समाचारों पर यहां के स्थानीय नेता कोई ध्यान नहीं देते और अफसरशाही को बढ़ावा देने में लगे हुए हैं यही वजह है कि आज प्रदेश में अफसरशाही के चलते जहां प्रधानमंत्री आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं में आए दिन भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं जिसे पत्रकारों के द्वारा उठाया जा रहा है ।

भा जा पा लेकिन ऐसे अधिकारियों पर कुछ कार्यवाही नहीं करती । आपको बता दें कि बीते दिनों जिला अस्पताल में दवा के अभाव में एक वृद्ध की मौत सीएमएचओ ऑफिस के बाहर हो गई थी जो खबर इंटरनेशनल खबर बनी थी लेकिन अस्पताल के किसी भी अधिकारी पर इस समस्या को लेकर कोई गाज नहीं गिरी इस बात से यह स्पष्ट है कि पूरे प्रदेश में भाजपा द्वारा अफसरशाही शासन चल रहा है। ऐसे अनेक मामले पत्रकारों द्वारा उठाए जाते हैं लेकिन अफसरशाही राज्य के चलते अफसरों पर ना होने वाली कार्यवाही से आज जहां जनता दुखी दिखाई दे रही है और भाजपा से जनता का मोहभंग हो रहा है।

मीडिया में यू तो नेता कहते नजर आते हैं कि मैं आपकी बात को और आपके लिखे गए समाचार को शिकायत नहीं मानता बल्कि सुझाव मानता हूं लेकिन इन सुझाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। यही वजह है कि आज भा जा पा के नेताओं से ज्यादा जनता पथरिया विधायक राम बाई पर विश्वास करती है।

पथरिया विधायक राम बाई जो किसी भी सरकारी कर्मचारी या सरपंच सचिव ऐसे लोगों पर भ्रष्टाचार की बात आने पर तुरंत एक्शन में आ जाती हैं और जीरो भ्रष्टाचार की नीति अपनाते हुए ऑन द स्पॉट निर्णय लेती है बीते दिनों पथरिया विधानसभा क्षेत्र में सरपंच द्वारा ग्राम वासियों से कुटीर बनवाने के नाम पर पैसे लिए गए यह मामला पथरिया विधायक राम बाई के समक्ष आया तो उन्होंने ग्राम में ही पंचायत लगाकर लोगों से सच्चाई प्रमाणित कराकर सरपंच से ली गई रिश्वत वापस कराई जहां इस बात की चर्चा जोरों शोरों से चल रही हो कि नेता हो तो ऐसे वरना ना हो।

भाजपा शासन में यूं तो जनहित की कई योजनाएं चलाई जा रही हैं जो कि सराहनीय योजनाएं हैं और जन सरोकार से जुड़ी योजनाएं हैं जिनसे जनता को लाभ मिलना ही चाहिए लेकिन नेताओं की उदासीनता और अफसरशाही को बढ़ावा देने वाली नीति के कारण आज जनता को सरकार की अच्छी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा सभी योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं ।समाचार पत्रों में उजागर होने के बाद भी अफसरों पर ना होने वाली कार्यवाही भी अधिकारियों को भ्रष्टाचार करने की खुली छूट देना जनता को महसूस हो रहा है। क्योंकि जनता भी जानती है कि हमारे साथ होने वाले हर भ्रष्टाचार की खबर आए दिन पेपरों में आती है लेकिन इन अफसरों पर कोई कार्यवाही नहीं होती यही वजह है कि आज जनता और मीडिया का मोह भाजपा की सरकार से दूर होता जा रहा है। बीते दिनों शिवराज सिंह चौहान सीहोर में बुधनी के नसरुल्लागंज पहुंचे जहां पर मुख्यमंत्री के पुल निर्माण एवं सिंचाई परियोजना के कई कार्यक्रम थे उन कार्यक्रमों का पत्रकारों ने बहिष्कार किया। शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम के दौरान देखा कि हमारे कार्यक्रम में कोई भी पत्रकार नहीं है तो वहां के जनसंपर्क अधिकारी को तत्काल ही इस बात से अवगत कराया और जमकर फटकार लगाई।पत्रकारों की आवाज दबाने के लिए जहां पुलिस का सहारा लेते हुए नेताओं द्वारा पत्रकारों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं तो वही पुलिस द्वारा पत्रकारों को थाने में ना घुसने देने की बात कही जा रही है और झूठे मुकदमे दर्ज कर पत्रकारों डराया जा रहा है।
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