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108 और प्राइवेट हॉस्पिटल की मिलीभगत से सरकारी योजनाओं में मची लूट।
दमोह जिले के मगरौन थाना क्षेत्र में 20 फरवरी को हुए एक्सीडेंट मैं महेंद्र सिंह राजपूत को दमोह जिला अस्पताल में लाया गया जिसे सर्जिकल प्रॉब्लम के कारण जबलपुर रेफर किया गया जिसे दमोह हॉस्पिटल से जबलपुर मेडिकल भेजा गया लेकिन रास्ते में ही 108 के एंबुलेंस ड्राइवर द्वारा मरीज के परिजनों को सस्ता और बेहतर प्राइवेट अस्पताल का लालच दिया गया जिसके बाद मरीज को प्राइवेट हॉस्पिटल मैं भर्ती करा दिया गया। रास्ते में ही मरीज के परिजनों ने दमोह में अपने रिश्तेदारों से संपर्क किया तो 108 के एंबुलेंस चालक ने उन्हें बताया कि प्राइवेट में कुछ पैसा लगेगा और बेहतर इलाज होगा जिस बात की रिकॉर्डिंग दमोह में मरीज के परिजन ने रिकॉर्ड कर लिया जब मरीज प्राइवेट अस्पताल पहुंच गया तो मरीज के परिजनों से 3 हजार रूपये 108 के ड्राइवर द्वारा लिए गए जिसकी लिखित शिकायत मरीज के परिजनों द्वारा जबलपुर मढाताल थाने में की गई है जिसमें मरीज के परिजनों

द्वारा 108 के ड्राइवर पर बहला-फुसलाकर प्राइवेट अस्पताल में लाना एवं मरीज के परिजनों से 3 हजार रुपए लेने की शिकायत की गई है। ऑडियो रिकॉर्डिंग में स्पष्ट समझ में आ रहा है कि 108 का ड्राइवर जबलपुर के स्वास्तिक हॉस्पिटल में मरीजों के परिजनों की बात करा कर संतुष्टि दिला रहा है कि वहां आपको पैसे नहीं लगेंगे इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि सरकार की आयुष्मान योजनाओं में जरूर कोई झोलझाल कर यह प्राइवेट अस्पताल वाले सरकार से लाखों रुपए वसूल रहे हैं और मरीजों से भी पैसे ले रहे हैं और 108 के ड्राइवरों को भी मोटा कमीशन दे रहे होंगे तभी तो 108 के ड्राइवर दमोह से ही

उन प्राइवेट अस्पतालों की तारीफ कर मरीजों को गुमराह कर देते हैं ताकि मरीज प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हो जाए और उन्हें मोटा मुनाफा हो जाए। सवाल यह भी है जब 108 सुविधा सरकार के द्वारा फ्री की गई है तो मरीजों से पैसे किस बात के लिए जा रहे हैं। इस बात की भी जांच होनी चाहिए।
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