दमोह में गौकशी करने वालों के हौसले बुलंद। डेंजर भारत प्रमुख तनुज पाराशर
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दमोह में गौकशी करने वालों के हौसले बुलंद।
कल देर शाम दमोह के स्टेशन चौराहे से एक बछड़ा चुराकर ले जाने का प्रयास करते हुए कुछ लोग दिखाई दिए जिन्हें रोकने पर आपसी विवाद हो गया जिसके बाद एक पक्ष कोतवाली पहुंचा जिसकी सुनवाई करते हुए कुछ लोगों को पुलिस पकड़ ले आई। तो दूसरे पक्ष ने भी सिटी कोतवाली पहुंचकर विवाद का पूरा कारण बताया लेकिन दूसरे पक्ष द्वारा लगातार नारेबाजी कर पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाया जाता रहा।

यही वजह रही की। दूसरे पक्ष के लोग भी इखट्टा होने लगे और पुलिस पर गौकशी करने वालों की मदद जैसे इल्जाम लगाने लगे तब पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर थाने से सभी को बाहर निकाल दिया। कुछ ही देर में दोनों पक्षों के लोगों में नारेबाजी होने लगी ।

स्थिति को बिगड़ते देख दमोह एसपी राकेश सिंह द्वारा तत्काल ही मौके पर एडिशनल एसपी एवं एसडीएम साहब देहात थाना टीआई सतेंद्र सिंह की समझाइश पर मामला शांत हुआ दोनों ही पक्षों से आवेदन लेकर उचित कार्यवाही की बात कही गई।
इस पूरी घटना के दौरान सिटी कोतवाली पुलिस नौसिखिया की तरह काम करती दिखाई दी विवाद बढ़ने के बाद आनन-फानन में पुलिस अपनी सेफ्टी फीचर लेकर भागती नजर आई तो कहीं कोई झाड़ियों से लकड़ी तोड़ता नजर आया और हजारों की संख्या में लोगों के बीच महिला पुलिस को भी भेज दिया गया जो बाद में दौड़ते देखी गई। समय रहते पुलिस ने अपनी सेफ्टी फीचर नहीं पहने नाही एक्स्ट्रा पुलिस बल को लगाया। मामला करीब 07:08 बजे का है जिसे बिगड़ने में पूरे 2 घंटे लगे जिसके बावजूद भी पुलिस का रवैया उदासीन बना रहा।

हिंदूवादी नेता विक्रांत गुप्ता ने बताया पिछले कई दिनों से दमोह में गौकशी के मामले निरंतर बढ़ते जा रहे हैं जिस पर दमोह सिटी कोतवाली का कोई अंकुश नहीं है यही वजह है कि दमोह के राजनगर तालाब में कुछ दिन पहले गाय को काटकर फेंक देने जैसी घटना सामने आई थी जिस पर अभी तक पुलिस द्वारा कोई भी कार्यवाही नहीं की गई। और दमोह में गौकशी निरंतर जारी है अगर जल्द ही गौकशी को नहीं रोका गया तो इसके जो भी दुष्परिणाम होंगे उसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
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