दमोह बस स्टैंड के दुकानदारों ने गांधीवादी तरीके से अपना विरोध कर दमोह कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
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दमोह वर्तमान बस स्टैंड को स्थानांतरित कर जबलपुर सागर बाईपास पर ले जाने की योजना के तहत वर्तमान दुकानदारों के द्वारा कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन गुलाब के फूल को भेंट करते हुए गांधीवादी तरीके से भेंट किया।इस ज्ञापन को अधीक्षक भू अभिलेख सारिका यादव ने लिया।

ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान के बस स्टैंड पर अपना कारोबार कर परिवार का भरण पोषण करने वाले दुकानदारों के लिए विस्थापन की कोई भी योजना नहीं बनाई गई है। इस संबंध में जिला कांग्रेस परिवहन प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रजु यशोधरन के साथ अनेको दुकानदारों ने इस ज्ञापन को सौंपकर नवीन बस स्टैंड पर विस्थापित किए जाने की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान बस स्टैंड पर लगभग 300 से अधिक दुकानदार अपना छोटे से लेकर बड़े व्यवसाय कर अपने परिवार का भरण पोषण विगत 25 वर्षों से अधिक समय से करते चले आ रहे हैं। इसके लिए वह दुकान में अपने अपने स्तर का धंधा संचालित कर कारोबार का संचालन कर रहे हैं। बस स्टैंड पर ही नगर पालिका द्वारा लगभग 100 दुकाने 40 वर्ष पूर्व निर्माण कर निविदा के माध्यम से विक्रय की गई थी। जिस कारण से इन दुकानों में भी व्यवसाई अपना व्यवसाय बस के आने-जाने एवं बसों के संचालन के माध्यम से ही करते हुए अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। वर्तमान में नवीन बस स्टैंड के प्रस्तावित किए जाने से यहां के लगभग 300 से अधिक परिवारों के सामने रोजी-रोटी का सवाल खड़ा होने लगा है क्योंकि इन सभी परिवारों के पास बस स्टैंड पर आने जाने वाली बसों से आने वाले यात्रियों के माध्यम से ही अपने परिवार के भरण-पोषण किए जाने का माध्यम है। शासन की नीति के अनुसार किसी भी स्थान पर यदि कोई नवीन कार्य स्वीकृत होता है तो पुराने स्थान के दुकानदारों को विस्थापित किए जाने का भी प्रावधान है। इसके तहत यहां के दुकानदारों को भी विस्थापित किए जाने की योजना निर्धारित की जावे।

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित नवीन बस स्टैंड पर निर्मित हो रही दुकानों के लिए वर्तमान बस स्टैंड के दुकानदारों को लागत मूल्य पर ही प्रदान किए जाने का नियम लागू किया जाए जिससे वर्तमान बस स्टैंड के दुकानदार नवीन बस स्टैंड पर लागत मूल्य का भुगतान कर अपना व्यवसाय प्रारंभ कर सकें। जिससे उनके सामने किसी भी प्रकार की रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न ना हो सके। जैसा की जानकारी प्राप्त हो रही है कि नवीन प्रस्तावित बस स्टैंड पर एक दुकान की कीमत 25 लाख से लेकर 40 लाख रुपए तक एजेंसी द्वारा वसूली जा रही है जबकि इस संबंध में अभी तक किसी भी प्रकार के कोई विज्ञापन का प्रकाशन नहीं किया गया है। जिससे की आम नागरिकों को भी इन दुकानों के विक्रय की जानकारी प्राप्त हो सके।शासन की नीति के मुताबिक वर्तमान बस स्टैंड के दुकानदारों को विस्थापन की प्रक्रिया के तहत नवीन बस स्टैंड की दुकानों की लागत मूल्य पर ही दुकानें प्रदान किए जाने का आदेश जारी किया जावे।ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से संदीप सराफ,किशन लाल होरा, राजा खान, गुरु चरण सिंह ,वरुण बक्शी, बॉबी होरा, परमजीत सिंह आनंद,अफसर खान,गुरुनाम सिह,रिजवान अहमद,जिलानी खान, जसवीर सिंह,जगदीश प्रसाद,आशिक खान,शारदा ,कल्पित साहू,धनीराम जैन,अभिषेक सिघई,विजय जैन,अशोक राय सहित अनेक व्यापारी उपस्थिति रही।
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