2020 के निर्धारित वर्णन के मापदंड का नहीं किया जा रहा था पालन। गंगा जमुना उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दमोह की मान्यता निलंबित। डेंजर भारत प्रमुख तनुज पाराशर तनुज पाराशर
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दमोह,2020 के निर्धारित वर्णन के मापदंड का नहीं किया जा रहा था पालन गंगा जमुना उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दमोह की मान्यता निलंबित का आदेश कल हुआ जारी। आपको बता दें कि दमोह जिले के गंगा जमुना स्कूल मामला इन दिनों हिजाब मामले में लगातार सुर्खियों में बना हुआ है इस मामले में पहले जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच कर रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जिसमें गंगा जमुना स्कूल को कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से क्लीन चिट दी गई। जब गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा द्वारा दमोह एसपी को गहन जांच के आदेश दिए गए।

उसके बाद फिर जांच प्रारंभ हुई और यहां तक की इसमें बाल आयोग द्वारा भी जांच की गई बाल आयोग की टीम जब गंगा जमुना स्कूल पहुंची तो उन्होंने पाया कि इस स्कूल में उर्दू को प्राथमिकता दी जा रही है और अंग्रेजी को प्राथमिकता दी जा रही है हिंदी को तीसरे स्तर पर मान्यता दी गई है और नाबालिक मासूम बच्चों से पाकिस्तान के विवादित शायर अल्लामा इकबाल की एक नज्म जो ज्यादा कर पाकिस्तान के स्कूलों में प्रार्थना के रूप में गाई जाती है। (लब पे आती है दुआ बन कर तमन्ना मेरी यह नज़्म) राष्ट्रीय गान की जगह बच्चों से गवांई जाती थी। इसके अलावा परिजनों द्वारा बताया गया कि गैर मुस्लिम बच्चियों को स्कूल के अंदर हिजाब अनिवार्य किए हुए थे जिसे स्कूल प्रबंधक उसका अंग्रेजी नाम स्कार्फ लेकर बचना चाह रहे है। स्कूल प्रशासन का कहना है यह हिजाब नहीं है स्कार्फ है जबकि हिजाब पूरे शरीर पर होता है। आपको बता दें कि हिजाब सर पर ही बांधा जाता है और पूरे शरीर पर पहनने वाले को मुस्लिम समाज बुर्खा कहती है। फिर आपको अंग्रेजी वर्ड देकर स्कार्फ बताकर स्कूल प्रबंधक अपने बचाव में लगा हुआ है।

कल हुई कार्यवाही मैं कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं है कि स्कूल में अनैतिक कार्यों के चलते स्कूल पर कार्यवाही हुई हो।

केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल द्वारा मीडिया को दिए गए बयानों में साफ कहा गया था कि स्कूल प्रबंधक के बड़े लोगों पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए। इसके बावजूद भी जिला प्रशासन द्वारा अभी तक कोई भी ऐसी कड़ी कार्यवाही नहीं की गई जिससे यह पता चले कि स्कूल पर हुई यह कार्यवाही मासूम हिंदू बच्चियों को हिजाब पहनाने और उनकी फोटो वायरल करने एवं स्कूल में चल रहे अनैतिक गतिविधियों के चलते कार्यवाही हुई हो।

दमोह के गंगा जमुना स्कूल विवाद में मुख्यमंत्री के एक कार्यक्रम के मंच से भी कहां गया था की ऐसे स्कूलों को मैं मध्यप्रदेश में चलने नहीं दूंगा जहां पर भारत के विभाजनकारी और पाकिस्तान के राष्ट्रीय ग़ज़ल कार द्वारा बनाई गई पाकिस्तान के लिए एक नज़्म जो पाकिस्तान के स्कूलों में गाई जाती है दमोह की गंगा जमुना स्कूल में भी बच्चों से गवाया जा रहा था।

मध्यप्रदेश माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शालाओं की मान्यता नियम 2017 के नियम-11(1) के तहत अशासकीय शिक्षण संस्था-गंगा जमुना उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दमोह (डाइस कोड-23120318304) की मान्यता, नियम 5 और 9 के अधीन विहित मानको, शर्तो और उत्तरदायित्वों तथा समय-समय पर जारी निर्देशों का प्रथम दृष्टया पालन नहीं किए जाने के फलस्वरूप लोक शिक्षण सागर संभाग सागर के संयुक्त संचालक ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।

जारी आदेशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी दमोह के द्वारा अपने कार्यालयीन पत्र के माध्यम से जिले में संचालित अशासकीय शिक्षण संस्था गंगा जमुना उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दमोह के किए गए निरीक्षण में मध्यप्रदेश माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शालाओं की मान्यता नियम 2017 एवं मान्यता संशोधन नियम 2020 में वर्णित निर्धारित मापदण्ड का विद्यालय में पालन नहीं करना प्रतिवेदित किया गया है।
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