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सावन माह में पुरुषोत्तम मास के दुर्लभ संयोग का पुराणों में महत्व के चलते सभी धर्म प्रेमी भगवान को प्रसन्न करने में लगे हुए है।इस बार सावन में एक साथ पूजे जा रहे हैं भगवान शंकर और विष्णु।

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सावन माह में पुरुषोत्तम मास के दुर्लभ संयोग का पुराणों में महत्व के चलते सभी धर्म प्रेमी भगवान को प्रसन्न करने में लगे हुए है।इस बार सावन में एक साथ पूजे जा रहे हैं
भगवान शंकर और विष्णु।

दमोह में इन दिनों सावन माह में पुरुषोत्तम माह के दुर्लभ संयोग का पुराणों में महत्व के चलते सभी धर्म प्रेमी भगवान को प्रसन्न करने में लगे हुए है।हिंदू धर्म में सावन माह का विशेष महत्व होता है. यह भगवान शिव जी का प्रिय महीना होता है. वहीं इस बार सावन महीने में अधिकमास भी लगा है, जिसे मलमास या पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है


सावन महीने की शुरुआत 04 जुलाई से हो गई है और इसका समापन 31 अगस्त को होगा. सावन के बीच में ही 18 जुलाई से 16 अगस्त तक अधिकमास रहेगा. सावन का महीना जहां शिवजी की पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, तो वहीं अधिकमास भगवान विष्णुजी की पूजा के लिए समर्पित है.

इस साल सावन और अधिकमास के अद्भुत संयोग से भगवान विष्णु और शंकर जी एक साथ पूजे जाएंगे.

सावन में अधिकमास का महत्व

डेंजर भारत प्रमुख तनुज पाराशर ने तीर्थ क्षेत्र बांदकपुर के शिव मंदिर पहुंचकर जल से अभिषेक किया।

 


पंचांग के अनुसार, हर तीन साल के बाद मलमास या अधिकमास लगता है. लेकिन इस बार 19 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बना है, जिसमें सावन के महीने में मलमास लगा है. सावन के महीने में अधिकमास लगने से शिवजी की पूजा का महत्व भी दोगुना हो जाता है. इसका कारण यह है कि, सावन में अधिकमास लगने से सावन दो महीने का होगा और 8 सावन सोमवार पड़ेंगे. ऐसे में शिवजी की अराधना पूरे दो महीने तक की जा सकेगी. इस दौरान भक्तों को शिवजी की दोगुनी कृपा प्राप्त होगी. यही कारण है कि सावन में अधिकमास लगने से सावन का महत्व और अधिक बढ़ गया है.वहीं सावन माह में मलमास लगने के कारण चातुर्मास का समय भी बढ़कर चार महीने से पांच माह का हो जाता है।
सावन में एक साथ पूजे जा रहे हैं भगवान शंकर और विष्णु।

दमोह के सभी शिव मंदिरों में जहां हर सोमवार को भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है वहीं दमोह के प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र जागेश्वर नाथ मैं भी भक्त पैदल डीजे बाजे की धुन पर नाचते गाते पहुंच रहे हैं। तो वही कई धर्म प्रेमी बंधु अपने घरों पर भगवान शंकर जी के पार्थिव शिवलिंग निर्माण कर धर्म लाभ उठा रहे हैं।

दमोह जिले के पटेरा तहसील के ग्राम कुंवरपुर के ग्राम जमाटा में भरत पटेल द्वारा पांच दिवसीय असंख्य शिवलिंग निर्माण कराया जा रहा है जिसमें दूर-दूर से ग्रामीण सुबह से ही शिवलिंग निर्माण का कार्य प्रारंभ कर देते हैं शाम तक असंख्य शिवलिंग निर्माण के बाद सभी शिवलिंगों का जल दूध दही से अभिषेक पूजन अर्चन कर व्यारमां नदी में विसर्जन किया जाता है इसके बाद सभी ग्राम वासियों को भोजन प्रसादी वितरित की जाती है जिससे ग्राम वासियों में भक्ति का सागर उमर पड़ा है।


दमोह के प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र लक्ष्मण कुटी में भी सावन माह के प्रारंभ से ही अखंड कीर्तन व शिवलिंग निर्माण के साथ कल मंगलवार को महंतपुर ग्राम के लोगों द्वारा भंडारा कराया गया। डेढ़ माह से लगातार भंडारा प्रारंभ है जो लक्ष्मण कुटी क्षेत्र से लगे हुए गांव प्रतिदिन कोई ना कोई गांव वाले भंडारा करते हैं जिससे भंडारा निरंतर चल रहा है जिसमें हजारों की संख्या में भक्त रोज शिवलिंग निर्माण व अखंड कीर्तन में भाग लेकर धर्म लाभ उठा रहे हैं दूर-दूर से ग्रामीण दमोह के प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र लक्ष्मण कुटी में पहुंच रहे हैं।

भाजपा महामंत्री सतीश तिवारी द्वारा नगर पालिका शिव मंदिर में सावन माह के प्रारंभ से असंख्य शिवलिंग निर्माण किए जा रहे हैं जिसे प्रतिदिन पंडित सतीश तिवारी के सारे परिवार जन और नगर पालिका क्षेत्र में रहने वाले भक्तों द्वारा पहले शिवलिंग का निर्माण किया जाता है फिर सभी शिवलिंगों का जल दूध दही शहद शक्कर से अभिषेक कर दमोह के फुटेरा तालाब में विसर्जन किया जाता है।

 

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