मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किया ध्वजारोहण मुख्यमंत्री के संदेश का किया वाचन
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जिले में 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस समारोह उत्साह पूर्वक मनाया गया। जिला मुख्यालय के तहसील ग्राउण्ड पर आयोजित जिला स्तरीय मुख्य समारोह में मुख्य अतिथि जिले के प्रभारी मंत्री तथा प्रदेश के राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने ध्वजारोहण किया। उन्होंने हर्षोल्लास के प्रतीक गुब्बारे छोड़े। इस अवसर पर प्रिंसिपल जिला न्यायाधीश श्रीमती रेणुका कंचन के साथ अन्य न्यायाधीशगण खासतौर पर मौजूद रहे।

प्रभारी मंत्री श्री राजपूत ने खुली सफेद जीप में कलेक्टर श्री मयंक अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक श्री सुनील तिवारी और परेड कमाण्डर रक्षित निरीक्षक श्री हेमंत बरहैया के साथ परेड का निरीक्षण कर सभी का अभिवादन किया। इस अवसर पर सशस्त्र बलों की टुकड़ियों ने तीन चक्रों में हर्ष फायर किये और राष्ट्रपति का जयघोष किया। प्रभारी मंत्री श्री राजपूत ने परेड उपरांत बल कमाण्डरों से परिचय प्राप्त किया।

समारोह में परेड कमांडर हेमंत बरहैया एवं द्वितीय परेड कमांडर अभिनव साहू के नेतृत्व में सशस्त्र और निशस्त्र दलों की टुकड़ियों ने कदमताल करते हुये मार्च पास्ट किया। इसमें विशेष पुलिस बल, सशस्त्र पुलिस बल, पुलिस बल महिला, जिला पुलिस बल, होमगार्ड बल, एनसीसी सीनियर, एनसीसी जूनियर, स्काऊट दल, गाईड दल, शौर्यदल की टुकड़ियों ने भाग लिया।
जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजपूत ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन किया। मुख्यमंत्री जी ने अपने संदेश में कहा भारत के 77 वें स्वतंत्रता-दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के जन-जन को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। ये गुलामी की जंजीरों के टूटने का दिन है, ये नये बीज से कोंपल फूटने का दिन है। ये देश की दिशा को मोड़ने का दिन है, ये भारत को एक सूत्र में जोड़ने का दिन है। ये शहीदों के बलिदान के यशगान का दिन है, ये 140 करोड़ भारतवासियों की मुस्कान का दिन है।

स्वतंत्रता यानी, सपने देखने और उन्हें सच कर दिखाने की आजादी। स्वतंत्रता यानी, अपनी प्रतिभा और अपनी पसंद के अनुसार आगे बढ़ने की आजादी। स्वतंत्रता यानी, मौलिक कर्तव्यों की जिम्मेदारी के साथ मौलिक अधिकारों की आजादी, न केवल दूसरों के दुख को सुख में बदलना, बल्कि अपने सुख को भी दूसरों के सुख में बदल देना ही आजादी के मंत्र की असली सार्थकता है।

वतन की आजादी के लिए मर मिटने वालों ने जिस गौरवशाली, वैभवशाली, शक्तिशाली और समृद्धिशाली भारत के निर्माण का सपना देखा था, उसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने पिछले 9 वर्ष में अपने संकल्पों से साकार किया है। उनके नेतृत्व में आजादी के अमृत काल में 21वीं सदी का एक ऐसा सार्थक और समृद्ध भारत आकार ले रहा है, जिसमें हमारे सपने, हमारी आँखों के सामने ही पूरे हो रहे हैं। आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है, भारत से सीख रही है।

“वसुधैव- कुटुंबकम्” विश्व-मंत्र के रूप में उद्घोषित और उच्चारित हो रहा है। पिछले 5 वर्ष में देश के 13 करोड़ से अधिक लोगों का गरीबी से बाहर आना, आकाश में चंद्रयान और धरती पर वंदे भारत ट्रेन चलाना, कर्तव्य पथ पर भव्य नवीन संसद भवन और भारत मंडपम् को सजाना और भारत को विश्व की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थ-व्यवस्था बनाना यह सिद्ध करता है की बड़ी सोच और बड़े संकल्प के साथ उस लक्ष्य को भी हासिल किया जा सकता है, जिसकी एक जमाने में कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।

सबका साथ-सबका विकास-सबका प्रयास-सबका विश्वास के मंत्र के साथ जनता की जिंदगी को बदलना ही मध्य प्रदेश सरकार का मिशन है। हम ऐसे नये मध्यप्रदेश का निर्माण कर रहे हैं, जहाँ गरीबी भी समाप्त हो रही है और पिछड़ापन भी। जहाँ आमदनी भी बढ़ रही है और आत्म-विश्वास भी। जहाँ विकास का हर क्षेत्र में प्रवेश हो रहा है और विकास में हर वर्ग का समावेश भी। जहां पढ़ाई भी मिल रही है और दवाई भी। जहाँ कुशासन के ढर्रे को बदल दिया गया है और सभी तरह के माफिया को कुचल दिया गया है। जहाँ बेटियां और महिलाएं सशक्त बन रही है और परिवार समृद्ध। जहां युवाओं को कौशल मिल रहा है और मजदूर को संबल। जहां सरकार शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के सुख को हर नागरिक तक पहुंचाने के लिए दिन रात काम कर रही है। सरकार की बीते दो दशकों की विकास-यात्रा इन सभी संकल्पों की सफलता की जीवंत कहानियां कहती हैं।

आज गेहूं निर्यात में मध्यप्रदेश नंबर वन राज्य है। आज यदि पीएम स्वनिधि योजना के क्रियान्वयन में देश में अव्वल राज्य है तो वो मध्यप्रदेश है। आज यदि आयुष्मान कार्ड बनाने में देश में सबसे आगे राज्य है तो वो मध्यप्रदेश है। आज यदि ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता में पूरे देश में कोई अग्रणी राज्य है तो वो मध्यप्रदेश है। एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सिंचाई प्रबंधन, राष्ट्रीय पशुधन मिशन, राष्ट्रीय गोकुल मिशन, मत्स्य उत्पादन एवं प्रबंधन, मिलेट प्रोत्साहन, नशा मुक्ति, स्वच्छता जैसे अनेक महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में मध्यप्रदेश लगातार देश में अग्रणी बना हुआ है।

ये संभव हुआ है, क्योंकि हम मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री के सप्तर्षी मंत्र (समावेशी विकास, अंत्योदय, अधोसंरचना एवं निवेश, ग्रीन ग्रोथ, युवा-शक्ति, अर्थ-शक्ति और क्षमताओं का अधिकतम विकास) को मिशन मोड में क्रियान्वयन कर रहे हैं।

मध्यप्रदेश एक ऐसा राज्य है, जहां सरकार ने विकास के त्यौहार का स्वरूप दे दिया है। पूरे प्रदेश में 16 जुलाई से 14 अगस्त 2023 तक विकास-पर्व की लहर गांव-गांव और शहर-शहर चल रही है। विकास पर्व के दौरान 45 हजार करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन संपन्न हुआ है। प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में निकाली गईं विकास यात्राओं के दौरान 9 लाख से अधिक आवेदनों का निराकरण एवं 10 हजार करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन हुआ है। इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानियों और स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों का प्रभारी मंत्री श्री राजपूत द्वारा शाल-श्रीफल और माला पहनाकर सम्मान किया गया।
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