दमोह। शहर के चर्चित किल्लाई नाका हत्याकांड में आखिरकार इंसाफ का हथौड़ा चला।
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किल्लाई नाका हत्याकांड का फैसला: प्रफुल्ल बर्मन को उम्रकैद!
दमोह। शहर के चर्चित किल्लाई नाका हत्याकांड में आखिरकार इंसाफ का हथौड़ा चला। जिला सत्र न्यायालय ने आरोपी प्रफुल्ल बर्मन को आजीवन कारावास एवं ₹2000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला न्यायाधीश उदय सिंह मरावी की कोर्ट से आया है।

घटना 4 दिसंबर 2022 की है, जब किल्लाई नाका पर जयसिंह और प्रफुल्ल बर्मन उर्फ प्रफुल्ल कश्यप के बीच पुरानी रंजिश को लेकर खूनी भिड़ंत हुई थी। गुस्साए प्रफुल्ल कश्यप ने चाकू से ताबड़तोड़ वार कर जयसिंह को लहूलुहान कर दिया और मौके से फरार हो गया।

थाना कोतवाली पुलिस ने घायल जयसिंह को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामला धारा 307 से बढ़कर 302 में तब्दील कर दिया गया।

तत्कालीन विवेचक उपनिरीक्षक भावना दांगी ने घटना की बारीकी से जांच करते हुए मजबूत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय में चालान पेश किया, जिसने आरोपी को दोषी सिद्ध कर दिया।
अदालत ने माना कि यह हत्या पूर्व नियोजित थी और न्याय के नाम पर आरोपी को जीवनभर जेल में रहने की सजा दी गई है।

इस फैसले से जिले में कानून के प्रति जनता का भरोसा और मजबूत हुआ है। “कानून के हाथ लंबे हैं”इस कहावत को साकार करता है किल्लाई नाका हत्याकांड का यह ऐतिहासिक निर्णय।
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