गायत्री शक्तिपीठ दमोह में गुरुपूर्णिमा महोत्सव सम्पन्न!
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गायत्री शक्तिपीठ दमोह में गुरुपूर्णिमा महोत्सव सम्पन्न
अध्यात्म जीवन जीने की कला सिखाता है – पं. प्रमोद बारचे
दमोह। स्थानीय गायत्री शक्तिपीठ में दो दिवसीय गुरुपूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा और साधना के साथ मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम में शांतिकुंज हरिद्वार से आए टोली नायक पं. प्रमोद बारचे ने कहा कि “अध्यात्म कोई जादूगरी नहीं, यह जीवन जीने की कला सिखाता है।” उन्होंने बताया कि गायत्री एक संपूर्ण विद्या है, जिससे भौतिक और आध्यात्मिक लाभ दोनों मिलते हैं।

उन्होंने कहा कि वेदों की ऋचाओं का वैज्ञानिक महत्व अब विदेशों में भी स्वीकारा जा रहा है। जर्मनी की कई यूनिवर्सिटियों में वेदों के स्वरों का अध्ययन हो रहा है।

कार्यक्रम की शुरुआत गुरुपूर्णिमा की पूर्व संध्या पर गायत्री महामंत्र के सामूहिक मानसिक अखंड जप से हुई। गुरुपूर्णिमा के दिन पंचकुंडीय यज्ञ में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और अपनी एक-एक बुराई का त्याग किया। साथ ही 14 लोगों ने गुरुदीक्षा प्राप्त की।

पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के तहत विवेकानंद नगर के सार्वजनिक पार्क में 10 पौधे रोपे गए, जिनकी देखरेख का जिम्मा कुलदीप नेमा व उनके परिवार ने लिया।शाम को हुए समारोह में हटा जनपद अध्यक्ष गंगाराम पटेल को प्लास्टिक मुक्त अभियान में सक्रिय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वे आयोजनों में छेवले के पत्तों की दोना-पत्तल, स्टील के गिलास आदि निःशुल्क उपलब्ध कराते हैं।

इसके अलावा अखंड ज्योति और युग निर्माण योजना पत्रिकाओं के आजीवन सदस्य बनने वाले आकाश रश्मि चौधरी, नीरज हर्ष श्रीवास्तव, नंदकुमार पटेल, जलज श्रीवास्तव और वैभव पटेल को मंच से सम्मानित किया गया।आयोजन का समापन भंडारे के साथ हुआ।
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