दमोह: ओवरलोड और बगैर नंबर वाले वाहनों पर नकेल कसने में नाकाम ट्रैफिक पुलिस, हादसों का सिलसिला जारी ।
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दमोह: ओवरलोड और बगैर नंबर वाले वाहनों पर नकेल कसने में नाकाम ट्रैफिक पुलिस, हादसों का सिलसिला जारी ।
दमोह। जिले में बगैर नंबर और ओवरलोड तीन पहिया वाहनों की बढ़ती संख्या अब आमजन की जान पर बन आई है। ताजा मामला मडियादो थाना क्षेत्र के चोरइया मार्ग पर सामने आया है, जहां कल्कुआ के पास एक तीन पहिया ऑटो पलट गया। इस हादसे में एक दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

प्राथमिक जांच में सामने आया कि यह तीन पहिया ऑटो बिना नंबर का था और उसमें क्षमता से कई गुना अधिक सवारी बैठाई गई थी। ऑटो वर्धा गांव का बताया जा रहा है, जिसमें इमलिया से घोघरा की ओर यात्री जा रहे थे।घटना की सूचना पर मडियादो थाना प्रभारी शिवांगी गर्ग, प्रआर बिपिन, और आरक्षक अंकित मौके पर पहुंचे। घायलों को 108 एंबुलेंस और पुलिस वाहन से मडियादो के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और कुछ को हटा रेफर किया गया।

घायलों में मुन्नी बाई आदिवासी, सुखनंदी, धीरज, काशी, नंदू, हल्की बहू, बबीता, रावरानी सहित कई महिलाएं शामिल थीं।
सवालों के घेरे में जिला ट्रैफिक पुलिस
जिले में लगातार सामने आ रहे बगैर नंबर और ओवरलोड वाहनों के हादसे ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। कई मार्गों पर ऑटो में 15-18 तक सवारी ठूंस-ठूंस कर बैठाई जा रही हैं, लेकिन रोकथाम के नाम पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।ट्रैफिक पुलिस की निष्क्रियता से लगता है जैसे जिले में कोई मॉनिटरिंग सिस्टम ही नहीं बचा, जिससे हादसे लगातार दोहराए जा रहे हैं।क्या प्रशासन जागेगा जब किसी की जान जाएगी?

सवाल यह है कि क्या दमोह ट्रैफिक पुलिस किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है? या फिर ओवरलोड वाहनों से जुड़ी व्यवस्थाएं सिर्फ कागजों में ही सिमटकर रह गई हैं?
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