मीडिया पर हमला: मारपीट–पत्थरबाजी में 3 नामजद सहित 4 पर एफआईआर, बीएनएस व एससी/एसटी एक्ट में मामला दर्ज सोशल मीडिया की विवादित पोस्ट से भड़क सकता है विवाद,
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मीडिया पर हमला: मारपीट–पत्थरबाजी में 3 नामजद सहित 3 अन्य पर एफआईआर, बीएनएस व एससी/एसटी एक्ट में मामला दर्ज
सोशल मीडिया की विवादित पोस्ट से भड़क सकता है विवाद, पत्रकारों ने कलेक्ट्रेट में किया विरोध प्रदर्शन
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले माहौल बिगाड़ने की साजिश? पत्रकारों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
दमोह। जिले में बुधवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान मीडिया कर्मियों के साथ अभद्रता, मारपीट और पत्थरबाजी का मामला तूल पकड़ गया है। देर रात कोतवाली थाना पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों सहित एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और एससी/एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, महेंद्र लोधी निवासी दमोह, पुष्पेंद्र लोधी निवासी चंडीचौपरा सहित अन्य को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि बैरिकेडिंग तोड़कर कलेक्ट्रेट परिसर में घुसे उपद्रवियों ने कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की, मारपीट और छीनाझपटी की। इस दौरान एक अनुसूचित जाति वर्ग के पत्रकार के साथ भी मारपीट की गई, जिसके चलते एससी/एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
अपराध को छिपाकर जातीय रंग देने की कोशिश?

घटना के बाद मामला सोशल मीडिया पर और अधिक भड़कता नजर आया। आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा स्वयं को पत्रकार बताते हुए फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म पर भड़काऊ, अभद्र और जातिगत तनाव बढ़ाने वाली पोस्ट व लाइव वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं। इन पोस्टों में प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं।
जिले के पत्रकारों का कहना है कि मीडिया पर हुए हमले को दबाने और आरोपियों को बचाने के उद्देश्य से पूरे घटनाक्रम को जातीय संघर्ष का रूप

देने की कोशिश की जा रही है। उनका आरोप है कि राजनीतिक लाभ की मंशा से माहौल को अस्थिर करने और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित दौरे से पूर्व हिंसा या उपद्रव की स्थिति निर्मित करने का प्रयास किया जा रहा है।
पत्रकार एकजुट, एसपी कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
घटना से आक्रोशित बड़ी संख्या में पत्रकार पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और मामले की गंभीरता से अवगत कराया। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई, फर्जी पत्रकार बनकर सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वालों की पहचान और उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की मांग की।

पत्रकारों ने जनसंपर्क अधिकारी वाय.एस. कुरैशी से भी मुलाकात कर सोशल मीडिया पर सद्भाव बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ ठोस कदम उठाने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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