बड़ी बड़ी खबरों के बीच छूट जाती हैं महत्वपूर्ण छोटी खबरें जिनसे होता है जनता का सीधा सरोकार छोटी महत्वपूर्ण खबरों के लिए देखते रहे डेंजर भारत !
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपए की राहत राशि का ब्यौरा देने के लिए 14 मई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पत्रकारों के बीच आईं थी। सबसे पहले उन्होंने किसानों, मजदूरों और श्रमिकों के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी थी।

प्रधानमंत्री द्वारा कोरोना काल को ध्यान में रखते हुए 20 लाख करोड़ रुपए की घोषणा की थी 3 माह से लॉक डाउन होने की वजह से छोटे रेहड़ी पटरी वाले व्यक्तियों को बैंक द्वारा ₹10000 का लोन देने की बात कही गई थी जिससे छोटे रेहड़ी पटरी वाले दुकानदारों में एक आशा पैदा हुई कि मैं फिर से अपना धंधा खड़ा कर अपने परिवार का पालन पोषण कर सकूंगा लेकिन पिछले 8 महीने पहले आई प्रधानमंत्री की राहत राशि की घोषणा के बाद भी छोटे रेहड़ी पटरी वाले 10000 के लिए 10,000 चक्कर लगा रहे हैं बैंक के और 200 चक्कर नगरपालिका के लगाकर 2 जोड़ी चप्पल घीसने के बाद भी जब उन्हें लोन नहीं दिया जा रहा है नगर पालिका और बैंकों द्वारा छोटे रेहड़ी पटरी वाले दुकानदारों को ऑफिस ऑफिस का खेल खिलाया जा रहा है ! नगर पालिका से फोन आता है कि आपने 10000 के लिए अप्लाई किया तो वह व्यक्ति नगर पालिका पहुंचता है नगर पालिका कहती है बैंक चले जाओ बैंक वाले कहते हैं 15 दिन बाद आओ 15 दिन बाद फिर नगरपालिका से फोन आता है यही क्रम पिछले 8 महीने से जारी है !जिससे व्यापारियों का सब्र टूट गया और उन्होंने अपने पास पड़ोसियों से 10 परसेंट ब्याज पर लोन लेकर अपना धंधा पानी शुरू कर दिया सरकार की नीतियों की धज्जियां उड़ा रहे नगर पालिका और बैंक कर्मचारियों की वजह से सरकारी लाभ उन व्यापारियों को नहीं मिल पा रहा है जो वास्तव में इसके हकदार हैं कुछ व्यापारियों का कहना है कि यह नगर पालिका और बैंक कर्मचारियों की सांठगांठ से पैसा बांटा जा रहा है जो इसके हकदार नहीं है उन्हें भी पैसा मिल चुका है और जिन्हें वास्तव में पैसों की जरूरत है वह आज ब्याज पर लेकर अपना परिवार चलाने को विवश है एमपी गजब है सबसे अजब है यूं ही नहीं कहा जाता!

किसान आंदोलन के बीच दिल्ली में हिंसा की आशंका, गृह मंत्री अमित शाह ने अधिकारियों के संग की हाईलेवल बैठक।
फिक्की की 93वीं वार्षिक बैठक, पीएम मोदी बोले- कृषि सुधारों से किसानों को होगा फायदा, हम हटा रहे हैं सारी दीवारें।
दुनिया का जो विश्वास बीते छह वर्षाें में भारत पर बना था, वो बीते महीनों में और मजबूत हुआ है। FDI हो या FPI, विदेशी निवेशकों ने भारत में रिकाॅर्ड निवेश किया है और निरंतर कर रहे हैंः *प्रधानमंत्री मोदी*
भारत ने जिस तरह बीते कुछ महीनों में एकजुट होकर काम किया, नीतियां बनाई, निर्णय लिए हैं, स्थितियों को संभाला है। उसने पूरी दुनिया को चकित करके रख दिया है: *पीएम मोदी*।
पिछले 6 वर्षों में भारत ने भी ऐसी ही सरकार देखी है, जो सिर्फ और सिर्फ 130 करोड़ देशवासियों के सपनों को समर्पित है। जो हर स्तर पर देशवासियों को आगे ले जाने के लिए काम कर रही है *पीएम मोदी।*
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में कोरोना के 10,65,176 सैंपल्स जांचे गए। 11 दिसंबर तक कुल 15,26,97,399 सैंपल्स टेस्ट किए जा चुके थे।
पिछले 24 घंटे में कोरोना के 30005 नए मामले, संक्रमणमुक्त मरीजों की संख्या 93 लाख के पार।
सुरजेवाला बोले- सरकार 14 संशोधन को तैयार तो कानून खत्म क्यों नहीं करती।
पीयूष गोयल, तोमर के बयानों पर जमकर बरसे SAD चीफ सुखबीर सिंह बादल, बोले- असहमति रखने वालों को देशद्रोही कहती है सरकार।
सैकड़ों किसानों का दिल्ली आना अब भी जारी, कई टोल प्लाजा पर दिखा आंदोलन का असर।
कर्नाटक परिवहन निगम के कर्मचारियों की हड़ताल का तीसरा दिन, यात्रियों को हुई दिक्कत।
डॉक्टरों को लेकर योगी सरकार का बड़ा फैसला, सरकारी नौकरी छोड़ने पर भारी जुर्माना।

बिहार एनडीए में नहीं है सब ऑल इज बेल* आखिर कब होगा नीतीश मंत्रिमंडल विस्तार? बीजेपी और जेडीयू के बीच फंसा मामला।
दिग्गज नेता धनश्याम तिवाड़ी कर रहे हैं घर वापसी, पूर्व CM राजे से नाराजगी के बाद हुए थे BJP से अलग।
89 लाख करदाताओं को आयकर विभाग ने जारी किया 1.45 लाख करोड़ रुपये का रिफंड।
कोरोना के कहर के बीच अमेरिका ने दी फाइजर की वैक्सीन को आपात मंजूरी।
दिल्ली में बारिश के साथ बढ़ी ठंडक, दृश्यता भी कम, एनसीआर की हवा में सुधार।

हवा से पानी बनाने की मशीन लगाकर क्षेत्रीय सांसद ने लूटी वाहवाही! पीएचई के अधिकारी इस मशीन को प्रयोग के तौर पर बता रहे हैं!

दमोह। जिले के जबेरा क्षेत्र में हरदुआ मानगढ़ में सवा दो साल पहले तत्कालीन सांसद प्रहलाद पटेल की पहल पर हवा से पानी बनाने की अत्याधुनिक मशीन स्थापित कराए जाने के साथ लंबे चौड़ेे दावे किए गए थे। लेकिन 6 महीनेे में मशीन के फिल्टर खराब हो जाने के बाद अब पीएचई के अधिकारी इसका सुधार संभव नहीं हो पाने तथा इसकी वजह बतानेे के बजाय हवा हवाई बातें कर रहे हैं। वही केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल भी अब इस मशीन के सुधार कार्य मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

हालांकि पीएचई विभाग के अधिकारी इस मशीन को प्रयोग के तौर पर प्राप्त होना बता रहे हैं तो फिर यह सवाल उठता है कि आखिर हरदुआ मानगढ़ में निर्मित फिल्टर प्लांट में ऐसा क्या लगा था जो 15 लाख 40 हजार का भुगतान उनके विभाग द्वारा किया गया। इस पूरे मामले की बारीकी से पड़ताल में हमारी टीम जुटी हुई है और जल्द ही “दूध का दूध और पानी का पानी” होने की उम्मीद है लेकिन फिर भी सवाल यह उठ रहा है कि सतधरु जैसी बड़ी जल परियोजना में रुचि लेने वाले सांसद तथा केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल का ध्यान उनके इस ड्रीम प्रोजेक्ट “हवा से पानी” बनाने की मशीन के डेढ़ साल से बंद पड़े होने की तरफ क्यों नहीं दिलाया गया। वह अभी तक क्यों अनभिज्ञ बने हुए हैं यह आश्चर्य के साथ चर्चा का विषय है। क्योंकि उनकी पहल पर ही सवा 2 साल पहले यह मशीन लगाई कराई गई थी।
भाजपा कि देश प्रदेश में सरकार होने के बावजूद क्या डेल्टा प्योर वाटर इंडिया लिमिटेड की इतनी हिम्मत हो सकती है की वह केंद्रीय मंत्री पहलाद पटेल के क्षेत्र में बिगड़ी पड़ी हवा से पानी बनाने की मशीन को ठीक कराने से इंकार कर सके। यह कंपनी किसकी है तथा दमोह जिले में लंबे समय से सीएचसी में क्या गुल खिलाए जा रहे हैं, सवाल और भी हैं!
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