बाहुबली कब्जा धारियों को संरक्षण तो गरीबों के आशियाने पर बुलडोजर क्यों जब तक चलेगी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तब तक दिखाएंगे प्रशासन को आईना गरीबों की आवाज बनेंगे हम|
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*बाहुबली कब्जा धारियों को संरक्षण तो गरीबों के आशियाने पर बुलडोजर क्यों जब तक चलेगी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तब तक दिखाएंगे प्रशासन को आईना गरीबों की आवाज बनेंगे हम*
जिला प्रशासन इन दिनों प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मामा जी के मूड के अनुसार शहर को अतिक्रमण से मुक्त कराने के कार्य में संलग्न है परंतु दूसरी ओर बाहुबली कब्जाधारियों के कब्जों को प्राथमिकता से ना हटा कर गरीबों के आशियाने को उजाड़ा जा रहा है। ऐसा नहीं है कि प्रशासनिक अधिकारियों को हाउसिंग बोर्ड और राजस्व की जमीन पर बाहुबलियों के करोड़ों के कब्जे की जानकारी नहीं है जबकि वहां तो एक नाले के प्राकृतिक स्वरूप को बदलकर कुछ अपनों को लाभ तक पहुंचाया गया है परंतु फिर भी उन्हें ना तोड़ कर गरीबों के गरीबों के आशियाने को तोड़ने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान दिखाई दे रहा है। विगत दिवस भैरोवहा गुरूनानक स्कूल के पीछे जवलपुर रोड के वार्डवासियों ने कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौपते हुए बताया कि प्रशासन द्वारा ग्राम भैरोवहा गुरुनानक स्कूल के पीछे हरसिद्धि माता मड़िया दमोह के वार्डवासियों को मकान खाली करने का नोटिस जारी किया गया था जिसमें

वार्डवासियों को तहसीलदार द्वारा 2 दिन में मकान खाली करने का आदेश दिया गया था अन्यथा अतिक्रमण के द्वारा निर्माण मकानों को तोड़ दिया जाएगा। जिसके बाद वार्ड वासियों ने कलेक्टर महोदय से निवेदन किया कि हम लोग यहां 20 साल से मकान बनाकर रह रहे हैं और जुर्माना की राशि भी दी है अतः आपसे निवेदन है कि अवैध कब्जा वाली जमीन को हटवाने के आदेश जारी न करवाने की कृपा करें।

दमोह प्रशासन मुख्यमंत्री के आदेशों का पालन नहीं करते हुए सिर्फ मुख्यमंत्री जी को खुश करने में लगा हुआ है दमोह के असाटी वार्ड में शहर का सबसे बड़ा नाला है जोकि सिविल वार्ड 2 छोटी मस्जिद से पुराना थाना टॉकीज चौराहा असाटी वार्ड होते हुए बड़े पुल के आगे तक जाता है इस नाले पर शहर के दबंगों द्वारा दो से तीन मंजिला इमारतें खड़ी कर ली गई हैं जिससे इस नाले की सफाई नहीं हो पाती बरसात के समय में नाले की सफाई ना होने के कारण नाली का गंदा पानी दूसरे लोगों के घरों में चला जाता है जिसकी शिकायत नगर पालिका से कई बार की गई वह भी इसी अतिक्रमण का हवाला देकर शांत हो जाते हैं जबकि आज मुख्यमंत्री के सख्त आदेश के बावजूद भी क्या वजह है कि इन बाहुबलियों से दमोह जिला प्रशासन भी नहीं बोल रहा है मुख्यमंत्री के सख्त आदेश के बाद भी इस नाले को कब्जा मुक्त नहीं कराया जा रहा है इससे यह स्पष्ट है कि दमोह प्रशासन मुख्यमंत्री के आदेशों का पालन नहीं करते हुए सिर्फ दिखावा कर रहे हैं
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