दमोह जिले में 1 महीने में एक व्यक्ति की हत्या दो लोग गंभीर रूप से घायल! जिसके बाद किया गया दमोह बंद जैसे आंदोलन के बाद भी दमोह की स्थिति जस की तस बनी हुई है!
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- दमोह जिले में 1 महीने में एक व्यक्ति की हत्या दो लोग गंभीर रूप से घायल! जिसके बाद किया गया दमोह बंद जैसे आंदोलन के बाद भी दमोह की स्थिति जस की तस बनी हुई है!
दमोह जिले में 1 महीने में एक व्यक्ति की हत्या दो लोग गंभीर रूप से घायल! जिसके बाद किया गया प्रशासन पर कार्रवाई करने को लेकर दमोह जिला बंद साथ ही हिंदू संगठनों द्वारा 21 दिन की अवधि में इन केसों के अपराधियों को पकड़ने के लिए प्रशासन को समय देते हुए हिंदू संगठनों ने अपना आंदोलन रद्द किया 21 दिन बीत जाने के बाद आज दमोह जिले में एक नया मामला सामने आया है!

दमोह के प्रमुख मार्केट के बीचो-बीच बने मीट मार्केट को हटाने के लिए हाई कोर्ट में डाली जनहित याचिका के विरोध में व्यापारी पर जानलेवा हमला
दमोह। मीट मार्केट क्षेत्र में गल्ला व्यवसाई मनीष मलैया की चावल गोदाम पर पहुंचे करीब दर्जन भर लोगों द्वारा जानलेवा हमला किया गया। दिन दहाड़े बीच बाजार की घटना है गंभीर हालत में मनीष को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज जारी है। हमले की वजह उनके द्वारा मीट मार्केट मामले में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल किए जाने से बौखलाए तत्वों द्वारा वारदात को अंजाम दिया जाना बताया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम मनीष मलैया चरहाई बाजार में अपनी चावल गोदाम में गए हुए थे इसी दौरान लाठी-डंडों हथियारों से लैस करीब दर्जन भर लोगों ने उनके ऊपर ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया। इस दौरान इनकी दुकान पर और उनके ऊपर मल फेकते हुए आरोपी फरार हो गए।

वारदात के बाद लहूलुहान हालत में मनीष सीधे पुलिस कोतवाली पहुंचे जहां उन्होंने घटना की सूचना पुलिस को दी बाद में उनको जिला अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की जानकारी लगने पर लघु व्यापारी संघ जिला व्यापारी संघ, किराना व्यापारी संघ सहित अन्य व्यापारी संगठन के पदाधिकारी अस्पताल पहुंच गए व कोतवाली टीआई तथा सीएसपी भी अस्पताल पहुंच गए जहां उन्होंने पीड़ित के बयानों के आधार पर मामला दर्ज करके आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

व्यापारी द्वारा कहा गया है कि मैं देखकर पहचान सकता हूं व्यापारी अस्पताल में है और उसने किसी भी व्यक्ति का नाम नहीं बताया है और पुलिस के द्वारा 6 आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कही जा रही है अब देखने वाली बात यह है कि जब आरोपी ने इन व्यक्तियों की शिनाख्त नहीं की तो पुलिस ने किस आधार पर इन व्यक्तियों को आरोपी बनाया है ! यह तो पुलिस ही बता सकती है या कि पीड़ित बता सकता है पुलिस किसी दबाव बस अगर किसी को गिरफ्तार करती है तो पीड़ित द्वारा दूध का दूध पानी का पानी किया जा सकता है क्योंकि पीड़ित अभी जिंदा है
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