रॉबिन हुड की तरह काम कर रहे मरोठी गार्डन के मालिक राजेंद्र मरोठी!
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रॉबिन हुड की तरह काम कर रहे मरोठी गार्डन के मालिक राजेंद्र मरोठी!
अंग्रेजी लोक कथाओं में रॉबिन हुड वह बहिष्कृत हीरो था जो रात में लोगों को लूटता और दिन में वही पैसा लोगों में बांट कर लोगों में देवता बन जाता उसका यह कृत्य कई सालों तक चलता रहा जब लोगों को उसके बारे में पता चला तो आज उसे बहिष्कृत हीरो कहा जाता है!

ऐसा ही काम दमोह के बुद्धिजीवी एडवोकेट राजेंद्र मरोठी अंग्रेजी लोग कथाओं के बहिष्कृत हीरो की तरह काम कर रहे हैं ! इनका काम करने का तरीका जरा हटके है यह दिनदहाड़े वृक्षों की कटाई करवाते हैं जो वृक्ष हमें प्रदूषण से बचाते हैं और मानव कल्याण के लिए बेहद जरूरी है और वही वृक्ष मानव के जीवन के लिए महत्वपूर्ण ऑक्सीजन भी देते हैं उन पेड़ों को यह दिनदहाड़े कटवा रहे हैं !

समाजसेवी और संगठनों की मदद से कुछ दिन पहले गायत्री शक्तिपीठ के द्वारा और इनके एनजीओ द्वारा दमोह जिले को ऑक्सीजन के 20 से 30 ऑक्सीजन सिलेंडर दिए गए थे जिससे यह और उनका संगठन रातों-रात पब्लिक की नजर में हीरो बन गया था इस कहानी से यही मतलब लगाया जा सकता है कि रॉबिन हुड की तरह राजेंद्र मरोठी की भी कार्यशैली नजर आ रही है!

इन दिनों ऑक्सीजन की कमी से मरते लोग तो आपने सुना होगा लेकिन ऑक्सीजन देने वाले की मौत आपने कई बार सुनी होगी लेकिन अनसुना कर दिया होगा यही वजह है कि आज ऑक्सीजन की कमी दिन प्रतिदिन होती जा रही है क्योंकि ऑक्सीजन की कमी से होने वाले लोगों

की मौत के लिए यूं तो कई समाजसेवी और पत्रकार खड़े हो जाते हैं और आज दिनदहाड़े बीच शहर में वृक्ष काटे जा रहे हैं लेकिन कोई भी इन वृक्षों को कटने से रोकने के लिए आवाज उठाने वाला नहीं है यही वजह है अपने थोड़े से स्वार्थ के पीछे रसूखदार लोग पेड़ काटते जा रहे हैं जी हां मैं बात कर रहा हूं दमोह के मरोठी गार्डन का यहां पर कुछ दिन पूर्व बरसों पुराना पेड़ काट दिया गया जिस पर किसी ने कोई सवाल नहीं उठाए ना ही उस वृक्ष को बचाने की कोई कोशिश की गई और बरसों पुराना पेड़ दमोह के रसूखदार मरोठी गार्डन के मालिक द्वारा काट दिया गया उस पेड़ के काटे जाने के बाद इन पर कोई कार्यवाही ना होने से इनके हौसले इतने बुलंद है की फिर दिनदहाड़े एक हरा-भरा इमली का दूसरा वृक्ष फिर से काटने लगे तब पर्यावरण प्रेमी अनुराग बजाज से देखा नहीं गया और उनके द्वारा वन विभाग को सूचना दी गई कि यहां पर पेड़ काटा जा रहा है वन विभाग द्वारा उनसे कहा गया है कि यह क्षेत्र नगरपालिका के अंदर आता है तब नगरपालिका में इनकी शिकायत की गई नगर पालिका द्वारा पंचनामा कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और नगर पालिका से मरोठी गार्डन के मालिक द्वारा कहा गया कि वन विभाग से परमिशन है तब अनुराग बजाज द्वारा वन विभाग को फोन लगाया गया तो वन विभाग का कहना था कि हमारे पास इनका एक आवेदन आया है जिसकी पावती मैंने उन्हें दी है उन्हें पेड़ काटने की परमिशन नहीं दी है इससे यह स्पष्ट होता है कि यह बगैर परमिशन के

धड़ाधड़ अपने मरोठी गार्डन में जो विवाह के लिए मैरिज गार्डन चलाते हैं मैरिज गार्डन का मतलब होता है कि बहुत सी मैरिज जहां होती है इन्हें हरे भरे वृक्षों के गार्डन से क्या मतलब इनका मकसद तो वहां पर पेड़ काटकर मैरिज गार्डन के लिए जगह बनाना है ताकि वहां से लाखों रुपए की आमदनी हो सके!
वन विभाग की उदासीनता के कारण शहर में ऐसे ही कई जगह पेड़ काटे जा रहे हैं अब देखना होगा समाचार पत्र में आने के बाद वन विभाग क्या कार्यवाही करता है
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