आपदा प्रबंधक की बैठक में गरीबों की आवाज और हर वर्ग की आवाज उठाने वाले पत्रकार क्यों नहीं मध्यप्रदेश लघु व्यापारी संघ ने उठाए सवाल
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दमोह में कोविड-19 के संक्रमित मरीज 793 एक्टिव इसे 800 भी मान लिया जाए तो इसमें पांच का गुणा कर दें तो 800 ×5=4000 4000 लोगों को पुलिस और जिला प्रशासन अपनी निगरानी में रख ले तो ढाई लाख लोग आज जो दमोह में अपने घरों में कैद हैं और उनके व्यापार भी बंद हैं वह सब सुचारू रूप से चल सकता है इस पर सरकार का ध्यान क्यों नहीं??????

मध्यप्रदेश लघु व्यापारी संघ के जिला अध्यक्ष तनुज पाराशर ने आपदा प्रबंधक की बैठक में गरीबों की आवाज उठाने वाले पत्रकारों को आपदा प्रबंधक की कमेटी में शामिल ना करने पर उठाए सवाल!
जिनकी ना फटे बिमाई वह क्या जाने पीर पराई….. आपदा प्रबंधन की कमेटी के सदस्यों में कोई भी गरीब तबके का क्यों नहीं गरीबों की आवाज और हर वर्ग विशेष की आवाज उठाने वाले पत्रकार क्यों नहीं मजदूर संघ से कोई नेतृत्व इस कमेटी में क्यों नहीं…. आर्थिक नुकसान होने पर किसानों को दिया जाता हैं मुआवजा,,, पहली बार व्यापारियों पर आर्थिक नुकसान हुआ है उन्हें मुआवजा क्यों नहीं,,, व्यापारियों के बिजली बिल माफ हो साथ ही बच्चों की स्कूल फीस भी माफ हो आर्थिक कमजोर व्यापारियों को मुआवजा राशि दी जाए??????????
कोविड-19 की ताजा स्थिति पर रिपोर्ट रखी। उन्होंने कहा पॉजीटिविटी रेट 2.5 है, अभी एक्टिव केस 793 हैं, 723 मरीज होम आईसोलेट हैं, 70 मरीज अस्पताल और कोविड केयर सेंटर में हैं। सरकारी अस्पतालों और निजी अस्पतालों में बेड खाली हैं। ????
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