महंगी होती शराब और बढ़ती महंगाई के चलते लोग अब सस्ते नशे की ओर ! जिससे बढ़ सकते हैं दमोह में अपराध ड्रग्स से घातक नशा करने लगे बच्चे!
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महंगी होती शराब और बढ़ती महंगाई के चलते लोग अब सस्ते नशे की ओर ! जिससे बढ़ सकते हैं दमोह में अपराध ड्रग्स से घातक नशा करने लगे बच्चे!
दमोह लॉकडाउन में जहां लोगों की आमदनी कम हो गई है और रोजगार भी छूट गए हैं ऐसे मैं सरकार द्वारा अपने घाटे की भरपाई करने के लिए शराब दिन प्रतिदिन महंगी की जा रही है जिससे जनता में आमदनी ना होने के कारण और महंगी शराब के चलते लोग सस्ते नशे की ओर बढ़ते जा रहे हैं यही वजह है

कि आज लोग अंग्रेजी और देसी शराब छोड़कर कई लोग नकली कच्ची शराब की ओर ज्यादा से ज्यादा जा रहे हैं और सस्ता नशा जो कि तेज होता है और दिमाग पर पागलपन सवार होता है जिससे उन्हें किसी भी तरह का होश नहीं होता कुछ ही दिन पहले जबलपुर नाका स्थित एसपी ऑफिस के सामने अवैध कच्ची शराब पीकर एक व्यक्ति पड़ा हुआ देखा गया क्योंकि कई बार एसपी ऑफिस के सामने कुचबधियों की पुलिस द्वारा शराब पकड़ी जा चुकी है लेकिन वह छूटकर फिर वही कार्य शुरू कर देते हैं!

अब बात करते हैं ड्रग्स की
दमोह में भी इन दिनों ड्रग्स का कारोबार काफी हद तक फल फूल रहा है बीते साल ड्रग्स से दमोह के दो युवकों की जान जाने के बाद कुछ हद तक पुलिस इन पर अंकुश लगाए रही लेकिन फिर दमोह में ड्रग्स का कारोबार फल-फूल रहा है!

अब बात करते हैं एक बहुत ही सस्ते नशे के बारे में जिसे लोग ड्रग्स से भी बढ़कर नशा बताते हैं और यह महज 10 से ₹5 में आ जाता है अब इस नसे की हालत यह है कि बड़ों के साथ-साथ यह बच्चे भी करने लगे हैं पुराने थाने से लेकर कई जगह पर यह बच्चे साइकिल और

मोटरसाइकिल की पंचर जोड़ने में आने वाला केमिकल जिसे लोग सुलोचन कहते हैं उस सुलोचन को कपड़े में रखकर सूघने से ऐसा नशा होता है जिसे पीकर लोग हैवान बन जाते हैं और वह किसी को भी मार सकते हैं काट सकते हैं यहां तक कि वह नशा ना मिले तो चोरी भी कर सकते हैं इस तरह के नशे पर अगर शीघ्र अंकुश नहीं लगाया तो यह नशा आने वाली पीढ़ियों को भी दुखदाई होगा और अभी तक इस पर सरकार का ध्यान नहीं गया जबकि यह नशा अब 8 से 10 साल के बच्चे तक करने लगे हैं
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