मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार में सुरक्षित नहीं है जनता ना पुलिस ना पत्रकार ?
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मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार में सुरक्षित नहीं है जनता ना पुलिस ना पत्रकार ?
मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार में बदमाशों के हौसले इतने बुलंद होते जा रहे हैं कि यह बदमाश पुलिस पर भी गोली चलाने से नहीं चूकते आपको पता होगा कि कुछ दिन पूर्व ही मध्यप्रदेश में कुछ पुलिसकर्मियों को बदमाशों ने मौत के घाट उतार दिया था। फिर जाकर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए उन बदमाशों का एनकाउंटर किया लेकिन घटना तो हुई पुलिस पर बदमाशों ने गोलियां तो चलाईं। अब बात करते हैं जनता की तो पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा लूट हत्या के केस आए दिन सामने देखने को मिल रहे हैं बात की जाए दमोह की तो दमोह में भी एक माह में 50 चाकूबाजी की घटनाओं से कम नहीं होती है ऐसा ही हाल पूरे प्रदेश का बना हुआ है।

तो अब बात करते हैं पत्रकारों पर हुए हमले के बारे में आप सभी को ज्ञात होगा कि कुछ दिन पूर्व मध्य प्रदेश सरकार ने कुछ पत्रकारों को मारपीट कर उन्हें चड्डी पर लाकर उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल की थी जिससे पत्रकार जगत में काफी रोष देखा गया था जिस पर मध्य प्रदेश सरकार की काफी फजीहत भी हुई थी लेकिन इससे भी सबक ना सीखते हुए अब तो भाजपा के ही गुंडे पत्रकारों को मारने लगे हैं ऐसा ही मामला दमोह में कल बीती रात देखने को मिला दमोह के भाजपा नेता संजय यादव जो कि भाजपा में जिला मंत्री के पद पर पदस्थ हैं।


संजय यादव की बहन ने सोशल मीडिया पर कुछ संजय यादव के परिवार पर अभद्र बातों को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी थी जो कि शहर के सभी पत्रकारों को भेजी थी और जिले में सभी को वायरल की थी उन्होंने बताया था कि संजय यादव जो भाजपा का सदस्य है उसका बहुत ही गंदा व्यवहार है इसको भारतीय जनता पार्टी द्वारा टिकट नहीं दी जानी चाहिए। जब यह ऑडियो वायरल होते हुए आरिफ खान पत्रकार के पास पहुंचा तो उन्होंने उनकी बहन से इस संबंध में बात की और संजय यादव का पक्ष जानना चाहा कि आपकी बहन का एक ऑडियो वायरल हो रहा है इस ऑडियो में आप पर आपत्तिजनक बातें और गंभीर आरोप लगाए गए हैं इस पर आपका क्या कहना है तो उन्होंने पत्रकार को अपनी दुकान पर बुलाया और कहा कि भैया यह घरेलू मामला है इसे ज्यादा तूल न दें पत्रकार को उनकी टोन से लगा कि यह दुकान पर हमें बुलाकर मारने का प्रयास कर सकते हैं यही वजह थी कि पत्रकार इनकी दुकान पर नहीं गया फिर यह उन्हें फोन कर कर बुलाने लगे तो उसे और भी संदेह हुआ कि यह हमें बार-बार फोन क्यों कर रहे हैं। पत्रकार जब संजय यादव की दुकान पर नहीं गया तो संजय यादव द्वारा उस पत्रकार के खिलाफ पुलिस कप्तान दमोह एसपी को एक लिखित शिकायत दी गई जिसमें कहा गया कि पत्रकार हमें नाजायज परेशान कर रहा है और हमारी बहन से पैसे लेकर ऑडियो वायरल कर रहा है। एसपी को शिकायत करने के बाद भी संजय यादव को चाहिए था कि पुलिस को निष्पक्ष कार्यवाही करने देते भारतीय जनता पार्टी में इतने बड़े पद पर होने के बाद भी आपको पुलिस की कार्यप्रणाली पर विश्वास नहीं था यही वजह थी कि संजय यादव अपने साथियों को लेकर आरिफ खान को ढूंढने निकल पड़े अस्पताल पर कुछ पत्रकारों से आरिफ खान का पता पूछते हुए वह जब बैंक चौराहे पर पहुंचे तो आरिफ खान को बहुत गंदी गंदी गालियां दी और मारपीट की जिसका सीसीटीवी फुटेज पुलिस को दे दिया गया है और मारपीट के बाद उसे गाड़ी में बैठा कर थाने ले गए। और आरिफ खान पर भी झूठा मुकदमा कायम कराने के उद्देश्य से उसे थाने ले गए थे और सोशल मीडिया पर संजय यादव द्वारा एक पोस्ट डाली गई जिसमें मुस्लिम पत्रकार का हवाला देते हुए लिखा जागो हिंदू जागो। जबकि यह इनका घरेलू मामला था और इनकी बहन ने ही इनके ऊपर कुछ इल्जाम लगाए थे इस बात को लेकर इन्होंने सोशल मीडिया पर फेसबुक के जरिए पोस्ट डाल कर हिंदू और मुस्लिम समुदाय में झगड़ा कराना चाहा जबकि दमोह पुलिस द्वारा अभी देश में चल रहे नूपुर शर्मा विवाद पर दमोह पुलिस की सूझबूझ से कोई भी ऐसी अप्रिय घटना देखने को नहीं मिली जो कि पूरे देश में देखने को मिली।

इनकी यह पोस्ट देखकर सभी पत्रकार एकजुट होकर दमोह एसपी से मिलने पहुंचे और एसपी से मिलकर सभी पत्रकारों ने पूरी घटना की जानकारी दी दमोह एसपी ने बताया था कि उन्होंने हमें ज्ञापन दिया था तभी मैंने कहा था कि साइबर से जांच करा कर कार्यवाही की जाएगी लेकिन संजय यादव के द्वारा की गई मारपीट पर संजय यादव पर मुकदमा दर्ज होगा पत्रकारों ने दमोह एसपी से मांग रखी है कि पत्रकार एक्ट के अंतर्गत कार्यवाही हो और अपहरण का मामला भी दर्ज हो साथ ही मारपीट में आई चोटों के एम एल सी जांच के आधार पर भी एफ आई आर हो अगर पुलिस निष्पक्ष होकर कार्यवाही नहीं करती तो दमोह जिले के सभी पत्रकार एकजुट होकर भारतीय जनता पार्टी के विरोध में जल्दी एक ज्ञापन देंगे। जिसमें भारतीय जनता पार्टी बहिष्कार भी कर सकते हैं जब तक हमारे पत्रकार साथी पर हुई मारपीट पर सही कार्यवाही नहीं होती तब तक भारतीय जनता पार्टी की कोई भी प्रेस वार्ता में नहीं जाएंगे जैसे निर्णय भी ले सकते हैं। संजय यादव के हौसले इतने बुलंद है की अभी 3 माह पहले इन्होंने एक कार्यक्रम का आयोजन किया था जिसमें पुलिस को जुआ होने की शिकायत मिली मौके पर पहुंची पुलिस ने इनके कुछ साथियों को जुआ खेलते हुए पकड़ा तो उन्होंने पुलिस को ही घेर लिया और जुआ में जप्त हुई रकम को इनके द्वारा पुलिस के द्वारा की गई व्यापारियों से लूट बताया। और भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यकर्ता ने हमारे दमोह के वरिष्ठ पत्रकार पर उनके ऑफिस में ही जाकर मारपीट कर उनके पत्रकार कार्य में बाधा उत्पन्न किया था ऐसी यह दो दो घटनाएं हो चुकी हैं भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा ऐसी पुनरावृत्ति ना हो। पत्रकार कहना है। कि ऐसे भाजपाइयों पर कड़ी कार्यवाही करें भाजपा नहीं तो भारतीय जनता पार्टी का बहिष्कार करेंगे।
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