भले ही प्रदेश सरकार द्वारा साहूकार अधिनियम लागू कर दिया गया हो लेकिन साहूकारी के वजह से आए दिन प्रदेश में हत्याएं एवं आत्महत्याओं का दौर जारी है।
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दमोह जिले में हो रही आए दिन हत्या एवं आत्महत्याओं का कारण अज्ञात बना हुआ है। हत्या का कारण तो पुलिस ने पता लगा लिया लेकिन आत्महत्याओं का कारण अभी भी अज्ञात है आपको बता दें कि आई पी एल मैच के बाद से ही निरंतर आत्महत्याओं का दौर जारी है जिसमें कई सिंधी समाज पंजाबी समाज और सोनी समाज के युवकों की आत्महत्याओं के मामले सामने आए हैं जबकि यह समाज एक रूप से संपन्न समाज में गिनी जाती है उसके बावजूद भी संपन्न समाज के युवकों के ही द्वारा की गई आत्महत्याओं का अभी तक दमोह जिले के प्रशासन ने खुलासा नहीं किया वही कुछ दिन पूर्व हत्या कर टंकी में शव जलाने का मामला सामने आया था उस पर कल दमोह एसपी ने खुलासा करते हुए समस्त जानकारी दी जानकारी इस प्रकार है। इस हत्याकांड का खुलासा होने से पहले बाईपास पर मिली एक अज्ञात व्यक्ति की लाश जो कि ट्रक से कुचली हुई हालत में मिली जिसका आज तक सुराग नहीं लगा पाई दमोह पुलिस उस अज्ञात व्यक्ति के पास ना ही कोई आधार कार्ड ना ही कोई आईडी प्रूफ मिला जिस पर जिला प्रशासन द्वारा उसकी लाश को नगर पालिका द्वारा दफना दिया गया है उस व्यक्ति की आज तक पहचान तक नहीं हो पाई।

टंकी हत्याकांड का खुलासा*
*सांई उर्फ़ अक्षय पाराशर ने दिया इस वीभत्स हत्याकांड को अंजाम-डी. आर. तैनीवार*
*फोन पे के जरिए आरोपी तक पहुंची पुलिस*
*शराब पिलाई खाना खिलाया सोते समय चाकू से रेती गर्दन, सिर पर किया लाठी से प्रहार*
*खास दोस्त ने की हत्या*

दमोह/शहर के मुश्की बाबा मैदान में हुए अंधे हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस द्वारा तीसरे ही दिन सुलझा लिया गया।
कंट्रोल रूम में जिला अधीक्षक डीआर तैनीवार द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता मैं उक्त मामले का खुलासा किया गया अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए उन्होंने कहा प्रकरण में मृतक को एक लोहे की टंकी में जलाया गया जो पूर्णतह नहीं जला वह टंकी किसकी है कहां मिलती है अधजला शव किसका है यह एक रहस्य पुलिस के लिए था इस हेतु सर्वप्रथम टंकी की जानकारी प्राप्त की गई जो कि वकोली तिराहा सर्राफा दमोह में मिलती है उस टंकी दुकानदार से पूछताछ की गई तब उसने बताया कि इस प्रकार की टंकी एक व्यक्ति दिनांक 5. 8.2022 को ले गया है और उसका भुगतान फोन पे द्वारा किया गया उसकी डिटेल देखी तो पाया कि मोबाइल द्वारा यह टंकी खरीदी एवं भुगतान किया गया मोबाइल नंबर के आधार पर पाया कि यह मोबाइल नंबर अक्षय पाराशर का है अक्षय पाराशर राय चौराहा के पास अपनी दुकान के बाहर से दस्तेयाव किया पूछताछ पर अक्षय पाराशर द्वारा जुर्म स्वीकार किया गया एवं संपूर्ण घटना को मृतक सचिन जैन की हत्या कर शव को ड्रम में डालकर जला कर साक्ष्य मिटाने की संपूर्ण घटना का वृतांत बता दिया इस प्रकार थाना दमोह देहात की पुलिस की सक्रियता से मात्र 24 घंटे में अध जले शव अंधे कत्ल की वीभत्स घटना का खुलासा किया आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता प्राप्त हुई।

*घटना का विस्तृत ब्यौरा*
प्रथम दृष्टया यह जला शव अज्ञात आरोपी अक्षय उर्फ़ साईं पाराशर से पूछताछ करने पर सचिन और शुभम जैन पिता उदय चंद जैन उम्र 27 वर्ष निवासी नया बाजार नंबर 1 धगट चौराहा दमोह का होना बताया इसके आधार पर परिजनों से संपर्क किया परिजनों के द्वारा भी शव को बारीकी से शिनाख्त करने पर सचिन उर्फ शुभम जैन होना बताया गया।
*संपूर्ण वारदात का लेखाजोखा*

आरोपी साईं उर्फ अक्षय पाराशर सचिन का बहुत अच्छा मित्र था जिससे मृतक का पैसों का लेनदेन भी चलता था मृतक आरोपी पर पूर्ण विश्वास करता था घटना दिनांक 7 /08/2022 को दोपहर को सचिन जैन के साथ आरोपी कस्बे में घुमा एवं शराब की दुकान से शराब ली एवं सिटी हॉस्पिटल के पास अक्षय पाराशर की बहन के मकान पर जाकर शराब पी जब मृतक शराब पी कर के सो गया तब आरोपी द्वारा मृतक को चाकू से प्रहार किया और उसकी हत्या कर दी मृतक का शव ड्रम में डालकर कपड़े व लकड़ियों से ड्रम को पैक कर दिया और बाद में अपने दोस्त देव रजक को बुलाया और रात में करीब 11:00 बजे ऑटो बुलाकर ऑटो चालक की मदद से देव रजक और आरोपी ने ड्रम जिसमें मृतक का शव रखा था ऑटो में रखकर मुस्की बाबा के निकट आरोपी के घर के पास खाली पड़ी जगह में रखवा दिया ऑटो चालक व दोस्त देव रजक को घर भेज दिया उनके जाने के बाद ड्रम में कोई ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी रात्रि में पूरा सब नहीं जला सुबह जब आरोपी ने करीब 11:00 बजे जाकर देखा तो उसमें और लकड़ियां डालकर आग लगाई इस जलती आग को पड़ोस के परिवारों ने देखा और इसमें जलने की दुर्गंध आने की शंका पर पुलिस को सूचना दी जिस पर नियमानुसार मर्ग कायम कर अपराध पंजीबद्ध की कार्यवाही की गई।

प्रकरण में आरोपी के अलावा किसी पर नहीं किया गया मामला दर्ज*इस पूरे हत्याकांड में आरोपी के सहयोगी रहे ऑटो चालक गणेश रैकवार और आरोपी का मित्र देव रजक निवासी मुकेश कॉलोनी दमोह का अपराध में संलिप्तता का कोई ऐसा साक्ष्य नहीं मिला जिस कारण अपराध में इनकी सहभागिता प्रदर्शित होती है आरोपी ने घटना करने के बाद अपने मित्र देव रजक को बुलाया और कहा कि होंडा सिटी कार को स्टेशन पर पार्क करना है तो देव रजक ने इस कार को रात 10:00 बजे स्टेशन पर पार कर आरोपी को चाबी दे दी इसके बाद आरोपी ने ऑटो बुलाया और ऑटो चालक से कहा कि हमें ड्रम में भरे गेहूं को अपने घर ले जाना है जोकि मुस्की बाबा मैदान में है ड्राइवर से ₹200 में बात कही और ऑटो चालक ने सिटी हॉस्पिटल गॉड लाइन से वह ड्रम उठाकर मुस्की बाबा मैदान में रख दिया।

*आरोपी का ब्यौरा*
प्रकरण में मार्ग जांच एवं अपराध विवेचना में आई साक्ष्य के आधार पर प्रकरण में अपराध प्रमाणित पाए जाने पर आरोपी अक्षय पाराशर उर्फ़ सांई पाराशर पिता रामकिशन पाराशर उम्र 26 साल निवासी मागंज वार्ड नंबर 4 दमोह है।
आरोपी के पास से एक लोहे की काले कलर की टंकी एक प्लास्टिक की ज्वलनशील पदार्थ की गंध वाली बॉटल अधजले अवशेष घटना में प्रयुक्त चाकू आरोपी के खून में सने कपड़े खून में सने गद्दे एवं तकिया आरोपी की नीले रंग की स्कूटी आरोपी से मृतक की कार की चाबी मोबाइल पर मृतक की होंडा सिटी कार उक्त सभी सामग्री घटना स्थल व आरोपी की निशानदेही से उसके घर सिटी हॉस्पिटल के निकट स्थित उसकी बहन के मकान से जप्त की गई।
आरोपी ने यह भी बताया की घटना के पीछे मात्र पैसों का लेनदेन ही विवाद का कारण है आरोपी ने मृतक से 1 साल के अंदर करीब चार लाख रुपये ब्याज से लिए थे जिसका डेढ़ लाख के करीब ब्याज भी दिया था किंतु इसके बाद भी आरोपी डेढ़ लाख रुपए करीब और ब्याज मांग रहा था इस कारण से ही मैंने उसकी हत्या की।
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