दमोह जिला पंचायत कार्यालय बना जिला पंचायत अध्यक्ष पति का राजनीतिक कार्यालय।
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दमोह जिला पंचायत कार्यालय बना जिला पंचायत अध्यक्ष पति का राजनीतिक कार्यालय।
दमोह विगत दिनों 17 अगस्त को जिला पंचायत अध्यक्ष ने ली बैठक जिसमें जिला पंचायत के कई लोगों ने अपना विरोध दर्ज कराया क्योंकि जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा किसी भी जिला पंचायत सदस्य को नहीं बुलाया गया। जिला पंचायत सदस्यों का कहना है कि 17 अगस्त को बुलाई गई बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष उपाध्यक्ष पति के साथ जो बैठक हुई है उसमें अधिकारियों कर्मचारियों के मेल मिलाप करने के उद्देश्य यह बैठक बुलाई गई जिसमें अधिकारी कर्मचारियों से मेल मिलाप करने को जिला पंचायत सदस्यों को नहीं बुलाया गया उपाध्यक्ष इस बैठक से नदारद रही उनकी जगह उपाध्यक्ष पति ने ही सरकारी कर्मचारियों से मेल मिलाप किया।

17 अगस्त को बुलाई गई बैठक में जिला पंचायत के एक सदस्य द्वारा जब सीईओ को फोन कर बैठक की जानकारी मांगी गई तो दमोह सीईओ द्वारा उनकी आपत्ति को नजर अंदाज करते हुए बाद में बात करने का कहा गया।

इसके अलावा दूसरे दिन कांग्रेस के पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया जब दमोह नगर पालिका अध्यक्ष उपाध्यक्ष के पदभार कार्यक्रम में दमोह आए थे तभी जिला पंचायत अध्यक्षा के पति
दमोह विधायक के साथ कई कांग्रेसियों जन जिला पंचायत के सभागृह में बैठक लेते नजर आए जैसे कि जिला पंचायत अध्यक्ष का यह कार्यालय जिला पंचायत अध्यक्ष के पति का कार्यालय हो जिसे वह जब जैसे चाहे वैसे इस्तेमाल कर रहे हैं।

जिला पंचायत में जिला पंचायत अध्यक्ष पति द्वारा जो कार्यालय में लखन घनघोरिया और दमोह विधायक के साथ हुई सभागृह में बैठक की तस्वीरें सोशल मीडिया फेसबुक पर डाली गई जिसके बाद यह फोटो वायरल होते हुए लोग लिख रहे हैं कि जिला पंचायत के कार्यालय को अध्यक्षा पति द्वारा अपना राजनीतिक कार्यालय बना लिया गया है।

आज जब हमारी टीम दमोह जिला पंचायत सीईओ से इस संबंध में बात करने पहुंची तो चौकीदार ने बताया कि साहब 2:30 बजे लंच करने गए हैं तो मैंने कहा अभी तो 4:30 हो गए तो उन्होंने बताया अभी साहब बंगले पर ही होंगे।
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