माँ शारदा मंदिर के प्रशासक/एस डी एम धर्मेंद्र मिश्रा मंदिर पर हो रहे झोलझाल पर नहीं दे रहे कोई ध्यान इससे लगता है की गतिविधियां मंदिर विरोधी हैं।
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माँ शारदा मंदिर के प्रशासक/एस डी एम धर्मेंद्र मिश्रा मंदिर पर हो रहे झोलझाल पर नहीं दे रहे कोई ध्यान इससे लगता है की गतिविधियां मंदिर विरोधी हैं।
मध्य प्रदेश के प्राचीन मंदिर माँ शारदा देवी के मंदिर में भक्तों की आस्था व दान, पर घातक गिरोहबंद कर्मचारियों की गैंग और अधिकारी की संलिप्तता सवालों के घेरे में धर्मेंद्र मिश्रा जी भी कर्मचारियो के काले कारनामो पर नहीं दे रहे ध्यान।,

मंदिर के अन्नकूट से जुड़ा ताजा मामला
हाल ही में अन्नकूट में पदस्थ कर्मचारी देवेंद्र तिवारी 35 हजार के नगद गवन में पकड़ा गया जिस पर आनन फानन में खेल खेलने वाले नंदकिशोर ने घुमा फिरा कर पूर्व में हुए खेल को दोहराते हुए अधिकारी से खेल करा कर आपने शागिर्द के कारनामे में पर्दा पोसी की, *इतना ही नही पिछले महीने देवेंद्र तिवारी अन्नकूट के राशन को लेकर साढ़े 6 लाख के फ़र्ज़ी बिल मामले में सुर्खियों में आये जिस पर अधिकारी ने कर्मचारी के दोनों मामलों में हेरा फेरी करने में सहयोग प्रदान किया और कर्मचारी को अन्नकूट से हटा कर दूसरे मलाईदार पद पर भेज दिया, आमजन मानस के सोचने के लिए गंभीर विषय है कि क्या मंदिर व भक्तों की आस्था का ऐसा चीरहरण गंभीर नही क्या अधिकारी का यह कृत्य मंदिर विरोधी नही है,

हाल ही में कर्मचारी देवेंद्र तिवारी ने साढ़े 6 लाख के अन्नकूट के किराने का गवन किया, बाद में नगद 35 हजार रुपये के गवन में भी पकड़ा गया, गवन रकम में पकड़े जाने पर नँद किशोर पटेल ने पूर्व के खेल को दोहराते हुए कर्मचारी से गवन रकम जमा कराए जाने का आदेश ले लिया और देवेंद्र तिवारी ने तुरंत गवन की गई रकम को जमा भी कर दिया, जिससे देवेंद्र तिवारी को क्लीन चिट मिल गई और वह फिर से पुनः अपने पुराने कारनामों को करने लगा।
मजे की बात तो यह है कि प्रशासक ने न तो कोई कार्यवाही की न निलंबन, दूसरी तरफ देवेंद्र तिवारी द्वारा गवन किये गए । देवेंद्र तिवारी के नए कारनामे में किराना दुकान से किराना आने से पहले ही 2 बिल पेश कर दिए गए पूछे जाने पर बताया कि साहब को छुट्टी पर जाना था इसलिए मैंने माल आने से पहले ही बिल लगा दिया लेकिन बिल दोनों महीने के समान होने के कारण यह भंडाफोड़ हुआ जिस पर किराना दुकानदार को

साढ़े 6 लाख के किराने पर दुकानदार को नोटिस दिया और चालान पेश करने का आदेश दिया इतना ही नही दुकानदार अधिकारी के नोटिस पर हफ़्तों भटकाया गया और आखिर किराना सुपुर्द करने के लिए पावती पेश कर दिया, दूसरी तरफ किराना अन्नकूट में आया नही दुकानदार ने दिया कर्मचारी ने लिया फिर माल गया कहा, अब प्रशासक महोदय जी के ऐसे खेलो पर कलेक्टर महोदय का ध्यान जाता नही कमिश्नर पूंछते नही सरकार इनके बाप की है, सूचना अधिकार में ये जानकारी देते नही अदालत में उटपटांग करने में आबिद माहिर है फ़ाइल छुपाने दस्तावेज गवन मामले गायब करने में इसे महारथ हांसिल है अब सवाल ये उठता है कि माँ शारदा के दरबार मे आने वाले भक्त दान दाता के दान में लापरवाही और झोलझाल करने वाले पर कार्यवाही के लिए किसी नए सिस्टम की सरंचना करें। डेंजर भारत के साथ शारदा श्रीवास्तव दद्दा की रिपोर्ट
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