देख ले खुद को क्रांतिकारी बताने वाले और दूसरों पर कालिक फेंकने वाले के मुंह पर खुद कालिक पुत गई जनता के बीच बैठकर खुद ही अपने बिकाऊ होने का ढोल पीटा। पैसे क्यों दें मैंने तो वोट दिया।
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देख ले खुद को क्रांतिकारी बताने वाले और दूसरों पर कालिक फेंकने वाले के मुंह पर खुद कालिक पुत गई जनता के बीच बैठकर खुद ही अपने बिकाऊ होने का ढोल पीटा। पैसे क्यों दें मैंने तो वोट दिया। तो वहीं दूसरी ओर पैसे देने वाले का कहना था कि मैंने जो स्वेच्छा से 20 लाख दिए थे वह नहीं चाहिए लेकिन जो तुमने हमें ब्लैकमेल करके अपना रेट 40लाख किया वह 20 लाख तो दे दो।
ऐसे बिकाऊ नेताओं से सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं आजादी की लड़ाई के
वक्त मिल गए होते तो देश अभी 2000 साल और गुलाम रहता धिक्कार है ऐसे क्रांतिकारियों पर।

दमोह जिले में हाल ही मे हुए जिला पंचायत चुनाव में जमकर पैसों का लेन-देन हुआ। यहां पर कांग्रेस की रंजीता पटेल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गई हैं। चुनाव के शुरुआत में ही जनपद पंचायत सदस्यों के खरीद-फरोख्त की बात सामने आ रही थी। कांग्रेस और बीजेपी एक दूसरे पर सदस्यों को पैसों के दम पर अपने पक्ष में वोट कराने के आरोप लगा रहे थे। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। यह वीडियो दमोह जिले के दतला गांव का बताया जा रहा है। इस वीडियो में दमोह जिला पंचायत सदस्य का चुनाव हारने के बाद पंचायत सदस्यों को पैसे में खरीदने वाले चुनाव हारने पर पैसे वापस करने की मांग कर रहे हैं।

पैसे देकर अपने पक्ष में वोट कराने में फेल रहे नेता जिल पंचायत सदस्यों को 20 लाख रुपए देने की बात कह रहे हैं। इसमें उपाध्यक्ष पद को लेकर भी सौदेबाजी की बात कही जा रही है। पैसे वापसी के लिए बाकायदा पंचायत बुलाई गई और लाखों रुपए के सौदेबाजी पर खुलकर चर्चा हुई। राजनीति कि यह दृष्य लोकतंत्र की हत्या के लिए काफी है। जहां पर जनता के वोट से चुनकर जिला पंचायत की सीढ़ी चढ़ने वाले नेता खुलेआम पैसे देकर वोट देने की बात कह रहे हैं। साथ ही एक पार्टी के अलावा दूसरे दल से मिले ऑफर की बात कह रहे हैं। इस पूरी पंचायत का किसी ने वीडियो बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

जिला पंचायत सदस्य ऋषि लोधी द्वारा लगाई गई पंचायत में केबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त दमोह से कांग्रेस के पूर्व विधायक जो अब बीजेपी दल के नेता राहुल सिंह लोधी को पंच बनाया गया था। जिनकी मौजूदगी में ऋषि लोधी ने दूसरे जिला पंचायत सदस्य दृगपाल लोधी को दिए लाखों रुपए वापिस मांगने की गुहार लगाई। बताया जा रहा है कि इस पंचायत का उद्देश्य यही है कि जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव में जीत न मिलने से ऋषि लोधी द्वारा दृगपाल लोधी से वोट के लिए दिए गए नोट वापिस दिए जाएं। जिसके लिए लोधी समाज के अनेक वरिष्ठ लोगों को बुलाया गया। जहां चुनाव में किस तरह से लेन देन होता है किस तरह लाखों रुपए देकर वोट हासिल की जाती है सारी परते खोली गई।
समाज विशेष की पंचायत हुई बातचीत का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जो दमोह के हर चौक चौराहे पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
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