दमोह के मायसेम सीमेंट के संचालक के गुंडों की गुंडई पर पुलिस नहीं ले रही संज्ञान पीड़ित पहुंचा एसपी के द्वार।
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दमोह के मायसेम सीमेंट के संचालक के गुंडों की गुंडई पर पुलिस नहीं ले रही संज्ञान पीड़ित पहुंचा एसपी के द्वार।
दमोह के मायसेम सीमेंट फैक्ट्री के संचालक द्वारा पाले गए गुंडों ने एक ड्राइवर का हाथ तोड़ दिया और कंपनी के द्वारा उस व्यक्ति की रिपोर्ट तक नहीं लिखाई गई पीड़ित का हाथ फैक्चर हो जाने के बावजूद भी कंपनी अपने गुंडों को बचाती नजर आई पीड़ित को इंसाफ ना मिलने पर पीड़ित पहुंचा एसपी ऑफिस आइए जानते हैं क्या कहना है पीड़ित का

पीड़ित दिनांक 07/11/22 को रात मे 9 बजे सीमेंट भरने गया था जहा पर कम्पनी के ट्रक खड़े होते है वही पर आवेदक द्वारा ट्रक खड़ा कर दिया गया परंतु कम्पनी के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिली भगत से षडयंत्र करके अचानक गोरेलाल पटेल आया वह मुझे मां बहिन की गाली देने लगा व लाठी से मारपीट करने लगा जो बाये हाथ की कुहनी के उपर लगी व खून निकलने लगा व हाथ की कुहनी मे फ्रेक्चर हो गया है । जिससे मुझे हाथ व पैर पर गंभीर चोटे आयी मेंरे साथ लात घूंसो से भी मारपीट की वहा पर खड़े सभी लोगो ने मेरे साथ मारपीट होते देखी व मौके पर खडे अजय ठाकुर व सीताराम रैकवार ने बीच – बचाव किया गोरे लाल जाते जाते बोल रहा था कि अगर कही रिपोर्ट की तो जान से खत्म कर दूंगा कहते हुये कंपनी के अंदर दौड़ कर भाग गया कई लोगो ने कंपनी में जाकर उसे पकड़ कर थाने में देने को कहा तो कंपनी के यूनिट हेड उमेश वर्मा द्वारा उसे थाने ले जाने से मना करवा दिया गया और अपनी कंपनी के ऑफिस मे बैठा लिया जिसके बाद आवेदक द्वारा दमोह देहात थाने में रिपोर्ट लेख कराई ।

परंतु आवेदक की रिपोर्ट उसके अनुसार लेख नहीं हुई व कंपनी के विरूद्ध पुलिस वालो द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई जबकि संपूर्ण घटना अनावेदक क्रमांक 2 मायसेम कंपनी के परिसर में हुई थी व अनावेदक क्रमांक 2 द्वारा अभियुक्त
गोरेलाल के द्वारा घटना की जाने के बाद छिपा लिया गया आवेदक को उक्त घटना से गंभीर चोटे आयी है जिससे आवेदक के बाये हाथ में फ्रैक्चर हो गया है जिस कारण डॉक्टर ने आवेदक को जबलपुर में इलाज कराने हेतु निर्देशित किया है कंपनी परिसर में किसी भी प्रकार की कोई घटना होती है तो उसकी जबावदारी कंपनी की होती है व किसी भी मजदूर के साथ घटना होने पर कंपनी उस व्यक्ति का ईलाज कराती है परंतु कंपनी द्वारा आवेदक का कोई ईलाज नहीं कराया ओर लापरवाही बरती गई जबकि ड्राईवरो की यूनियन द्वारा कंपनी के अधिकारियों से आवेदक के ईलाज हेतु कहा गया था परंतु कंपनी के द्वारा कोई जबाव नहीं दिया गया जिससे कंपनी की लापरवाही स्पष्ट प्रतीत होती है । आवेदक काफी गरीब परिस्थिति का व्यक्ति है वह अपना ईलाज कराने में सक्षम नहीं है । मेरे आवेदक को अनावेदकगण की ओर से राजीनामा हेतु लगातार धमकी दी जा रही है । राजीनामा हेतु दबाव बनाया जा रहा है अनावेदकगण का कहना है तुम कुछ नही बिगाड़ सकते पुलिस व प्रशासन हमारी जेब मे है हमारे हिसाब से चलो नही तो तुम्हे दमोह में नही रहने देगे व तुम्हारा धंधा पानी बंद करा देगे । अनावेदक गोरे लाल घटना के बाद से लगातार ईमलाई क्षेत्र में घूम रहा है व दमोह देहात पुलिस द्वारा उसको गिरफ्तार नही किया जा रहा है जिससे आवेदक व उसका परिवार काफी डरा हुआ है व आवेदक के साथ गोरेलाल कोई भी गंभीर घटना घटित कर सकता है ।
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