मिट्ठू के मिल जाने से पुलिस पर क्यों उठ रहे सवाल ?
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मिट्ठू के मिल जाने से पुलिस पर क्यों उठ रहे सवाल ?
चोरी गई मोटरसाइकिल के मालिक ना बैठे रहे पुलिस के भरोसे। मिट्ठू गुम होने पर जैसा मिट्ठू मालिक ने किया वैसा कर पा सकते हैं अपनी मोटरसाइकिल।
बड़ी बड़ी खबरों के बीच छूट जाती है छोटी महत्वपूर्ण खबरें जिनसे होता है जनता का सीधा सरोकार छोटी महत्वपूर्ण खबरें देखने एवं जानने के लिए देखते रहे डेंजर भारत।

दमोह। जिले का पुलिस प्रशासन अपने नये मुखिया के मार्गदर्शन में इन दिनों जीरो टाॅलरेंस की नीति पर कार्य कर रहा है और लाइव छापेमारी कर रहा है परंतु आम जनता की खोई वस्तुओं या चोरियों को खोजने में कहीं ना कहीं उत्साह दिखाई नहीं देता फिर चाहे वह वागेश्वर महाराज की कथा के दौरान की सभी घटनाएं हों या फिर शहर में इन दिनों हो रही वाहन चोरी की घटनाएं जो सीसीटीवी पर कैद तो हो रही हैं पर पुलिस इस पर रोक या वापस पकडने में सफल नहीं हो पा रही है।

आपको बता दें कि दमोह जिले में पिछले कई दिनों से लगातार मोटरसाइकिल चोरी होने का सिलसिला जारी है। पुराने थाने पर एक स्कूटी चोरी हुई थी उस दौरान सीसीटीवी कैमरे में चोर कैद हुआ था उसके बावजूद भी आज तक पुलिस उस चोर को नहीं पकड़ पाई। ऐसी ही एक घटना दमोह के मानस भवन में लाड़ली बहना योजना में केवाईसी कराने आए एक दंपत्ति की मोटरसाइकिल दिनदहाड़े अस्पताल चौराहे से चोरी कर ली गयी जवकि सीसीटीवी कैमरे में कैद रहने वाला चौराहे से एक गरीब व्यक्ति की मोटरसाइकिल चोरी कर ली गयी। वहीं युवा पत्रकार रितेश अवस्थी जब अपने शरीर की फिटनेस ठीक करने गए तो चोर उनकी गाड़ी की फिटनेस बिगाड़ते हुए गाड़ी चोरी कर ले गए। 20 मार्च को युवा पत्रकार रोज की भांति जिम करने के लिए जिम गए थे तभी चोरों ने उनकी टीवीएस स्पोर्ट्स ब्लैक और लाल कलर की चोरी कर ली, जिसकी शिकायत दमोह देहात थाना अंतर्गत जबलपुर नाका पर की गई। पर अभी तक गाड़ी का कोई अता पता नहीं है।

लोगों के बीच चर्चा है कि जिस तरह विगत कुछ दिनों से शहर की चर्चाओं में रहे मिट्ठू मियां को उसके पालकों ने पुलिस प्रशासन के भरोसे ना खोजते हुए खुद अपना जतन कर के हासिल कर लिया उसी तरह मोटरसाइकिल खो चुके लोग भी पुलिस के भरोसे ना वैठें।आप जानते ही होंगे दमोह में पिछले 5 दिन पहले श्रीवास्तव परिवार का एक मिट्ठू जो घर से उड़कर कहीं चला गया था जिसे ढूंढने के लिए मिट्ठू के मालिक ने पुलिस का सहारा नहीं लिया बल्कि वह खुद ही अपने पक्षी को पोस्टर विज्ञापन और समाचार के माध्यम से 1000 का इनाम घोषित कर ढूढने में लग गया। प्रचार प्रसार करने के एक दिन बाद ही मिट्ठू मिल जाने से जहां परिवार खुश दिखाई दिया तो वही शहर में इस बात को लेकर जन चर्चा का विषय बना हुआ है कि अगर मिट्ठू मालिक पुलिस के पास जाता तो शायद मोटरसाइकिलों की तरह आजतक वह भी नहीं मिल पाता। यही वजह थी कि मिट्ठू मालिक ने पुलिस में शिकायत ना करके खुद ही प्रचार प्रसार कर अपने मिट्ठू को ढूंढ निकाला।
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