दमोह। कोराना कर्फ्यू के चलते आम नागरिकों को जरूरत की चीजें भले ही मुश्किल से मुहैया हो रही हो लेकिन शराब और सट्टा खिलाने वालों को कोई परेशानी नहीं!
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दमोह। कोराना कर्फ्यू के चलते आम नागरिकों को जरूरत की चीजें भले ही मुश्किल से मुहैया हो रही हो लेकिन शराब और सट्टा पर्ची का अवैध कृत्य धड़ल्ले से संचालित हो रहा है। यही वजह है कि शराबी तत्व पीने के बाद सड़कों पर लड़खड़ाते हंगामा करते नजर आते हैं। वही सट्टा खेलने वाले गलियों में खुले आम ओपन क्लोज की चर्चा करते देखे जा सकते हैं। रविवार रात 9:00 बजे जिला अस्पताल मेन गेट के सामने एक शराबी ने नशे में धुत होकर जिला अस्पताल गेट के सामने किसी मरीज को छोड़ने खड़े हुए ऑटो का कांच पत्थर मार कर फोड़ दिया।

उपरोक्त घटना के चलते जिला अस्पताल आने जाने वाले लोग जहां डरे सहमे बने रहे वहीं रात्रि में दोपहिया वाहनों से अस्पताल में प्रवेश करने वाले लोग भी अपनी गाड़ी के पंचर हो जाने की आशंका में डरे सहमे नजर आए क्योंकि लॉकडाउन के समय में पंचर बनवाने की भी एक बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है अगर गाड़ी पंचर हो जाती है तो। ऐसे में यदि कांच के टुकड़ों से कोई एंबुलेंस आदि वाहन आगे जाकर पंचर होती है तो इसका जवाब दार कौन होगा । वहीं पुलिस ने उपरोक्त शराबी को क्यों छोड़ा उसका जवाब भी देने फिलहाल कोई तैयार नहीं है।

इधर रविवार की शाम असाटी वार्ड क्षेत्र से कोतवाली पुलिस के कुछ चर्चित सिपाहियों द्वारा एक सटोरिया को उठाकर कोतवाली लाने और नए साहब के नाम पर नए सिरे से हफ्ता वसूली की राशि तय करने को लेकर प्रेशर बनाया जाता रहा है। इस दौरान कुछ मीडिया कर्मियों के भी कोतवाली पहुंच जाने से मामला अधर में लटकता नजर आया। वही बाद में एक अन्य खबरची के जरिए सेटिंग जम जाने की जानकारी सामने आई है। तब सवाल यही उठता है की ऐसा कब तक चलेगा !क्या ऐसे फेरबदल से जनता को क्या लाभ हुआ
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