यूजीसी के प्रस्तावों के विरोध में दमोह पूरी तरह बंद, सवर्ण समाज का जोरदार प्रदर्शन हजारों लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
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यूजीसी के प्रस्तावों के विरोध में दमोह पूरी तरह बंद, सवर्ण समाज का जोरदार प्रदर्शन
हजारों लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन*
दमोह।विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा हाल ही में जारी किए गए कथित भेदभावपूर्ण एवं असंतुलित प्रस्तावों के विरोध में आज पूरे देश के साथ-साथ दमोह में भी व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। सवर्ण समाज के नेतृत्व में जिले के करीब 15 से अधिक समाजों एवं संगठनों ने एकजुट होकर राष्ट्रपति के नाम कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।


इस आंदोलन को लेकर दो दिन पूर्व ही दमोह बंद का आवाहन किया गया था, जिसका आज व्यापक असर देखने को मिला। सुबह से ही सवर्ण समाज के कार्यकर्ता व्यापारियों से संपर्क कर शांतिपूर्ण ढंग से दुकानें बंद रखने की अपील करते नजर आए। व्यापारियों ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे, जिससे दोपहर तक संपूर्ण दमोह बंद नजर आया।

सुबह सभी समाजों के लोग अस्पताल चौराहे पर एकत्रित हुए, जहां से वे एक विशाल रैली के रूप में घंटाघर पहुंचे। घंटाघर पर जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद करीब 12 बजे रैली कलेक्ट्रेट कार्यालय की ओर रवाना हुई। रैली के दौरान सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा और माहौल पूरी तरह आंदोलनमय हो गया।
करीब 1 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सकल हिंदू समाज के हजारों लोग मौजूद रहे, जिनमें जैन, ठाकुर, अग्रवाल, श्रीवास्तव सहित अनेक सवर्ण समाजों के लोग शामिल थे।
प्रदर्शन के दौरान यूजीसी के प्रस्तावों को शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक संतुलन के खिलाफ बताते हुए उन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की गई। सवर्ण समाज के लोगों में यूजीसी के निर्णयों को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पूरे आंदोलन के दौरान प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन जनभागीदारी और बंद के व्यापक असर ने प्रशासन का ध्यान जरूर आकर्षित किया।
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