दमोह में फर्जी बैंक खातों का बड़ा खेल: बेरोजगार युवकों को लालच देकर करोड़ों का ट्रांजेक्शन
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दमोह में फर्जी बैंक खातों का बड़ा खेल: बेरोजगार युवकों को लालच देकर करोड़ों का ट्रांजेक्शन
दमोह। जिले में बैंकिंग फ्रॉड का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें भोले-भाले बेरोजगार युवकों को नौकरी का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाए जा रहे हैं और उन्हीं खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया जा रहा है। इस पूरे मामले ने जिले में सक्रिय बैंक फ्रॉड गैंग की आशंका को और मजबूत कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, कुछ लोग बेरोजगार युवकों को छोटी रकम और नौकरी का झांसा देकर उनके दस्तावेज हासिल कर लेते हैं और बैंक में खाते खुलवा देते हैं। खाता खुलने के बाद पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड जैसे सभी जरूरी दस्तावेज अपने पास रख लेते हैं। इसके बाद इन खातों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर पैसों के ट्रांजेक्शन के लिए किया जाता है, जबकि असली खाताधारक को इसकी कोई जानकारी नहीं होती।

सूत्रों के मुताबिक, दमोह में इस तरह के फर्जी खातों के जरिए कुछ ही महीनों में करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया है। बताया जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे कई संगठित गैंग सक्रिय हैं, जो युवकों को लालच देकर इस जाल में फंसा रहे हैं।
पीड़ित युवकों में से एक ने अपनी पहचान उजागर न करने की शर्त पर बताया कि उसे शशांक सिंघाई नामक व्यक्ति ने नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। इसी बहाने उसके दस्तावेज लेकर बैंक में खाता खुलवाया गया और कहा गया कि वेतन इसी खाते में आएगा। खाता खुलने के बाद पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड बाद में देने की बात कहकर अपने पास रख लिए गए।

काफी समय तक नौकरी न मिलने और दस्तावेज वापस न मिलने पर जब पीड़ित युवक ने बैंक जाकर जानकारी ली, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। मात्र दो महीनों में ही उसके खाते से करोड़ों रुपये का लेन-देन हो चुका था। खाते में रोजाना रकम जमा की जा रही थी और फिर एक साथ बड़ी राशि निकाली जा रही थी।पीड़ित युवक का यह भी कहना है कि शशांक सिंघाई द्वारा अन्य युवकों को भी नौकरी का लालच देकर खाते खुलवाने के लिए कहा जाता था। इतना ही नहीं, यदि कोई नया व्यक्ति खाता खुलवाने के लिए लाता था तो उसे दो हजार रुपये देने का भी लालच दिया जाता था।
बताया जाता है कि कुछ समय पहले मुंबई क्राइम ब्रांच ने भी दमोह में दबिश देकर इस मामले में एक दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ की थी और कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर अपने साथ मुंबई ले गई थी। मामला हवाला कारोबार से जुड़ा होने की भी चर्चा है।

फिलहाल सवाल यह उठ रहा है कि बेरोजगार युवकों को लालच देकर उनके नाम से खोले गए इन खातों के माध्यम से चल रहे करोड़ों रुपये के इस नेटवर्क पर पुलिस और प्रशासन कब तक शिकंजा कस पाते हैं। वहीं, इस घटना ने आम लोगों को भी सावधान रहने की जरूरत का संदेश दिया है कि बिना पूरी जानकारी के किसी के कहने पर अपने दस्तावेज या बैंक खाता किसी को न सौंपें।
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