दमोह के प्राचीन राम मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, रामनवमी की भव्य तैयारियां जोरों पर! डेंजर भारत प्रमुख तनुज पाराशर दादा भाई
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दमोह के प्राचीन राम मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, रामनवमी की भव्य तैयारियां जोरों पर! डेंजर भारत प्रमुख तनुज पाराशर दादा भाई
दमोह में नवरात्रि के पावन अवसर पर धार्मिक वातावरण चरम पर है। नवरात्रि के पांचवें दिन सिविल वार्ड क्रमांक 3, बहराम टॉकीज के पास स्थित प्राचीन राम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भगवान श्रीराम के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा।

यह प्राचीन मंदिर, जो वर्षों से आस्था का केंद्र बना हुआ है, हर वर्ष रामनवमी के अवसर पर भव्य राम जन्म उत्सव के आयोजन के लिए जाना जाता है। इसकी तैयारियां नवरात्रि प्रारंभ होते ही शुरू हो जाती हैं, जिसमें स्थानीय भक्तों के साथ-साथ महाराष्ट्र समाज की विशेष भागीदारी रहती है।

महाराष्ट्र समाज के अध्यक्ष डॉ. आलोक सोनवलकर ने बताया कि यह मंदिर महाराष्ट्र समाज द्वारा निर्मित एक ऐतिहासिक धरोहर है, जहां वर्षों से सेवा और पूजा-अर्चना की परंपरा निभाई जा रही है। मंदिर परिसर में भगवान श्रीराम-जानकी के साथ-साथ भगवान शिव और हनुमान जी के भी मंदिर स्थित हैं, जो इसे विशेष आध्यात्मिक महत्व प्रदान करते हैं।

मंदिर की विशेषता यहां स्थित प्राचीन शमी वृक्ष और आंवला वृक्ष भी हैं, जिनका धार्मिक महत्व अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेषकर आंवला नवमी के दिन यहां भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं और प्रसाद ग्रहण करते हैं।

आगामी रामनवमी पर्व को लेकर मंदिर समिति एवं महाराष्ट्र समाज द्वारा श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने का आह्वान किया गया है।रामनवमी के दिन सुबह 9 बजे से विधिवत पूजा-अर्चना प्रारंभ होगी, जबकि दोपहर 12 बजे भगवान श्रीराम के प्रकट उत्सव को बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा।यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त करता है, बल्कि सनातन धर्म की परंपराओं को आगे बढ़ाने और समाज को धर्म के प्रति जागरूक करने का एक सशक्त माध्यम भी बन रहा है।
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