कम कर्मचारियों में भी दमोह मंडी ने बनाया रिकॉर्ड, लहसुन की बंपर आवक से किसानों को मिला बेहतर दाम!
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कम कर्मचारियों में भी दमोह मंडी ने बनाया रिकॉर्ड, लहसुन की बंपर आवक से किसानों को मिला बेहतर दाम!
दमोह। कृषि उपज मंडी समिति, दमोह इन दिनों लहसुन की रिकॉर्ड आवक को लेकर सुर्खियों में है। विगत एक सप्ताह में मंडी ने कई वर्षों का आवक रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो मंडी प्रशासन और कर्मचारियों के सतत प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है।
मंडी में किसानों को उचित मूल्य और नगद भुगतान मिलने से न केवल दमोह जिले, बल्कि पन्ना, छतरपुर, सागर और नरसिंहपुर जिलों के किसान भी अपनी उपज लेकर यहां पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि सागर जिले के रहली और गढ़ाकोटा क्षेत्र से भी किसान 50-60 किलोमीटर का सफर तय कर दमोह मंडी आ रहे हैं।

स्थानीय गौपुरा स्थित सब्जी मंडी में प्रतिदिन 100 से अधिक किसान पहुंच रहे हैं और करीब 1000 क्विंटल तक लहसुन की आवक दर्ज की जा रही है। मंडी परिसर लहसुन की बोरियों से भरा नजर आ रहा है, जो इस बार की बेहतर पैदावार और किसानों के विश्वास को दर्शाता है।

किसानों के अनुसार, यहां उन्हें अन्य मंडियों की तुलना में बेहतर दाम मिल रहे हैं। वर्तमान में लहसुन की कीमत गुणवत्ता के अनुसार 3 हजार से 10 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक मिल रही है। कमजोर गुणवत्ता का लहसुन जहां 3 हजार रुपए प्रति क्विंटल बिक रहा है, वहीं अच्छी गुणवत्ता का लहसुन ऊंचे दाम पर खरीदा जा रहा है।

मंडी सचिव घनश्याम प्रसाद मुड़ा ने बताया कि सीमित कर्मचारियों के बावजूद मंडी के अधिकारी और कर्मचारी पूरी मेहनत और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। सब्जी मंडी में लहसुन की डाक नीलामी की व्यवस्था शुरू किए जाने से भी आवक में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कमी के बावजूद मंडी में व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जा रही हैं और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
दमोह मंडी की यह सफलता दर्शाती है कि बेहतर प्रबंधन, पारदर्शी व्यवस्था और समय पर भुगतान से किसानों का भरोसा जीता जा सकता है, जिसका सीधा असर आवक और व्यापार दोनों पर दिखाई दे रहा है।
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