नवागत एसपी आनंद कलादगी एक्शन मोड में, दमोह की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर कड़ा संदेश अवैध शराब, जुआ-सट्टा और नशे में वाहन चलाना बन रहा अपराधों की बड़ी वजह
1 min read
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|

नवागत एसपी आनंद कलादगी एक्शन मोड में, दमोह की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर कड़ा संदेश
अवैध शराब, जुआ-सट्टा और नशे में वाहन चलाना बन रहा अपराधों की बड़ी वजह
दमोह। जिले में नवागत पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी के पदभार संभालते ही पुलिस महकमे में सक्रियता बढ़ती दिखाई दे रही है। सभी थाना प्रभारियों के साथ अपराध नियंत्रण को लेकर हुई पहली बैठक ने यह संकेत दे दिया है कि अब पुलिस व्यवस्था को लेकर सख्ती देखने को मिल सकती है। हालांकि जिले की वास्तविक चुनौती केवल सामान्य अपराध नहीं, बल्कि वर्षों से जड़ जमा चुके अवैध कारोबार हैं, जो लगातार अपराधों को बढ़ावा दे रहे हैं।

दमोह में पिछले कुछ समय से चाकूबाजी, मारपीट, अवैध शराब बिक्री, जुआ-सट्टा और आईपीएल सट्टेबाजी जैसी गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक अवैध शराब के अहाते खुलेआम संचालित हो रहे हैं। शराब दुकानों के आसपास अवैध रूप से बैठाकर शराब पिलाने का कारोबार लगातार जारी है, जिससे आए दिन विवाद और आपराधिक घटनाएं सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इन अवैध अहातों और एजेंटों पर प्रभावी कार्रवाई हो जाए तो जिले में अपराधों पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।

आईपीएल सट्टा बना अंतरराज्यीय नेटवर्क का अड्डा
दमोह में क्रिकेट के महाकुंभ कहे जाने वाले आईपीएल सीजन के दौरान ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टे का नेटवर्क भी तेजी से सक्रिय हो जाता है। सूत्रों के अनुसार कई वर्षों से बाहरी राज्यों और शहरों के लोग किराए के मकानों में रहकर सट्टे का संचालन करते रहे हैं। पहले भी जबलपुर और कटनी एटीएस द्वारा दमोह के विभिन्न इलाकों में कार्रवाई कर लाखों रुपए, मोबाइल फोन और सट्टे से जुड़े उपकरण जब्त किए जा चुके हैं।

हाल ही में मुस्की बाबा क्षेत्र में भी बाहरी सटोरियों के पकड़े जाने की घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि दमोह अब आईपीएल सट्टेबाजी का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। इससे पहले जबलपुर नाका क्षेत्र में भी बाहरी लोगों द्वारा संचालित सट्टा नेटवर्क का खुलासा हो चुका है।
बस हादसे के बाद ट्रैफिक पुलिस की बड़ी कार्रवाई
नोहटा थाना क्षेत्र के नीचे रोंड के पास यात्री बस पलटने की घटना के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। हादसे में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए थे और आरोप लगे थे कि बस चालक नशे की हालत में वाहन चला रहा था। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यातायात पुलिस ने शनिवार को शहर के किल्लाई नाका चौराहे पर सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया।

थाना प्रभारी यातायात निरीक्षक दलबीर सिंह मार्को के नेतृत्व में बस चालकों की ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई। कार्रवाई के दौरान 06 बसों को जब्त किया गया, जिनमें से 04 बस चालक शराब पीकर वाहन चलाते पाए गए, जबकि 02 बसों के पास वैध दस्तावेज नहीं मिले। इसके अलावा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 07 बस चालकों से 34 हजार रुपए का प्रशमन शुल्क वसूला गया।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ड्रिंक एंड ड्राइव करने वाले चालकों के प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे तथा उनके लाइसेंस निलंबन के लिए परिवहन विभाग को प्रतिवेदन भेजा जाएगा।
अब जनता की नजर नवागत एसपी की कार्यशैली पर
नवागत एसपी के आते ही पुलिस और ट्रैफिक विभाग की सक्रियता जरूर दिखाई देने लगी है, लेकिन अब जिले की जनता की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या अवैध शराब, जुआ-सट्टा और बाहरी गिरोहों पर स्थायी कार्रवाई हो पाएगी या फिर यह अभियान भी केवल शुरुआती सख्ती तक सीमित रह जाएगा।

दमोह की कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए आवश्यक है कि पुलिस प्रशासन केवल छोटी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि अवैध कारोबार संचालित करने वाले बड़े नेटवर्क तक पहुंचे। यदि शराब दुकानों के आसपास चल रहे अवैध अहाते बंद होते हैं, आईपीएल सट्टा नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई होती है और नशे में वाहन चलाने वालों पर लगातार कठोर कदम उठाए जाते हैं, तो निश्चित रूप से जिले में अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space



