नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 81090 62404 , +91 81090 62404 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , दमोह जिला अस्पताल में साइकिल स्टैंड पर विवाद, परिजनों और कर्मचारी के बीच मारपीट डेंजर भारत प्रमुख तनुज पाराशर दादा भाई – DB News – Danger Bharat News

लाइव कैलेंडर

May 2026
M T W T F S S
« Apr    
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

LIVE FM सुनें

DB News – Danger Bharat News

www.dangerbharatnews.com

दमोह जिला अस्पताल में साइकिल स्टैंड पर विवाद, परिजनों और कर्मचारी के बीच मारपीट डेंजर भारत प्रमुख तनुज पाराशर दादा भाई

1 min read
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

दमोह जिला अस्पताल में साइकिल स्टैंड पर विवाद, परिजनों और कर्मचारी के बीच मारपीट
पर्ची मांगने को लेकर बढ़ा विवाद, कोतवाली में मामला दर्ज
दमोह। शहर के दमोह जिला अस्पताल परिसर स्थित साइकिल स्टैंड पर रविवार देर रात पर्ची काटने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्टैंड कर्मचारियों की शिकायत पर प्रकरण कोतवाली थाना दमोह में दर्ज किया गया है।


कैसे बढ़ा विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भर्ती मरीज के परिजनों से वाहन खड़ा करने की पर्ची मांगने को लेकर कहासुनी शुरू हुई। आरोप है कि बहस के दौरान विवाद बढ़ गया और एक कर्मचारी के साथ मारपीट की गई। बाद में अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराया।
परिजनों के गंभीर आरोप
मरीजों के परिजनों का आरोप है कि—


24 घंटे के लिए एक बार शुल्क लेने की बात कही जाती है, लेकिन हर बार अस्पताल में प्रवेश-निकास पर पैसा मांगा जाता है।
स्टैंड पर कोई अधिकृत रेट लिस्ट या सूचना बोर्ड प्रदर्शित नहीं है।
वाहन सुरक्षा की कोई स्पष्ट गारंटी नहीं दी जाती।
वाहन चोरी होने की घटनाओं में जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया जाता है।
परिजनों का कहना है कि जब पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है, तो सुरक्षा की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।


ठेका और पारदर्शिता पर सवाल
जानकारी के मुताबिक, साइकिल स्टैंड का वार्षिक ठेका करीब 11 से 12 लाख रुपये में हुआ है। इसके बावजूद शुल्क निर्धारण, रसीद व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को लेकर पारदर्शिता नहीं दिख रही है। अस्पताल परिसर में अब तक कोई अधिकृत रेट सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं की गई है।
पुलिस जांच जारीस्टैंड कर्मचारियों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फिलहाल दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं।
बड़ा सवाल
क्या अस्पताल प्रशासन स्टैंड व्यवस्था की समीक्षा करेगा?
क्या शुल्क वसूली के स्पष्ट नियम और रेट लिस्ट सार्वजनिक की जाएगी?
वाहन सुरक्षा को लेकर जवाबदेही तय होगी या नहीं?
यह घटना अस्पताल परिसर की व्यवस्थाओं और निगरानी तंत्र पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। मामले की जांच जारी है।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now