सोशल मीडिया और पुलिस की साझी ताकत बनी मिसाल, खेलते-खेलते लापता मासूम कुछ ही घंटों में परिवार से मिला
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सोशल मीडिया और पुलिस की साझी ताकत बनी मिसाल, खेलते-खेलते लापता मासूम कुछ ही घंटों में परिवार से मिला
दमोह। पुलिस और सोशल मीडिया के बेहतर समन्वय ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यदि दोनों की कार्यप्रणाली साथ-साथ चले तो कई मुश्किलें बेहद कम समय में हल की जा सकती हैं। शुक्रवार 11 जुलाई की शाम पथरिया फाटक क्षेत्र से खेलते-खेलते घर से लापता हुए एक नाबालिग बच्चे को सिटी कोतवाली पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर उसके परिजनों से मिला दिया।

बच्चा मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने उसकी फोटो और जानकारी विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों व अन्य सोशल मीडिया माध्यमों पर साझा की। देखते ही देखते यह सूचना बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच गई। फोटो देखकर बच्चे के परिजनों ने तत्काल सिटी कोतवाली पहुंचकर उसकी पहचान की। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने बच्चे को उसके पिता संतोष जाटव, निवासी पथरिया फाटक, दमोह के सुपुर्द कर दिया।
मासूम के सकुशल घर लौटने पर परिजनों ने दमोह पुलिस और सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना प्रसारित करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। इस पूरे अभियान में सिटी कोतवाली प्रभारी नीतीश जैन तथा आरक्षक नरेंद्र पटेरिया, योगेंद्र, आकाश पाठक और हिमांशु की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

यह घटना इस बात का उदाहरण है कि जब पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सोशल मीडिया की व्यापक पहुंच एक साथ मिल जाती है, तो लापता व्यक्तियों की तलाश जैसे संवेदनशील मामलों में भी बेहद कम समय में सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं। जिम्मेदारी के साथ उपयोग किया गया सोशल मीडिया न केवल सूचना का माध्यम है, बल्कि जरूरत पड़ने पर किसी परिवार की खुशियां भी वापस लौटा सकता है।
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