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सरकार भले ही कितने कानून बना ले लेकिन साहूकारों पर नहीं लग पा रहा कोई अंकुश पुलिस के ढुलमुल रवैए के चलते साहूकारों के हौसले बुलंद।

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सरकार भले ही कितने कानून बना ले लेकिन साहूकारों पर नहीं लग पा रहा कोई अंकुश पुलिस के ढुलमुल रवैए के चलते साहूकारों के हौसले बुलंद।

दमोह – जिले में शर्मसार करने वाला
मामला आया सामने जिसमे नगर पालिका जल विभाग में पदस्थ कर्मचारी मृतक के शव को दमोह नगर पालिका निगम की कचरा डंप करने वाली गाड़ी से जिला अस्पताल के शव गृह लाया गया मृतक का शव कचरा गाड़ी से मृतक के शव को उतारते वक्त लोगों द्वारा अभद्रता देखी गई।

कुछ ही दिन पहले साहूकारों के मकड़जाल से बचने के लिए एक युवक ने लगाई थी फांसी तो वही आज एक साहूकार ने फिर चलाएं अपने कर्जदार पर चाकू।

कोतवाली थाना अंतर्गत रामकरण पिता शंकरलाल विश्वकर्मा उम्र करीब 40 वर्ष दमोह मागंज वार्ड नंबर-1 निवासी का देहात थाना क्षेत्र के खजूरा के जंगल में पेड़ से टंगा हुआ मिला था शव जिसे देहात थाना पुलिस द्वारा देर रात जिला अस्पताल के शव गृह लेकर पहुंची थी और मृतक का शव कचरा गाड़ी से लाया गया शव को लोगो द्वारा अभद्रता पूर्वक उतारा गया जहाँ आज नगर पालिका वर्तमान में एक से एक साधनों से लेस हैं तो वही कर्ज के तले दवा मानसिक रूप से तनाव झेल रहा मृतक शुक्रवार की रात से लापता था और मृतक पर कई लोगो का कर्ज था जिसे दमोह पलन्दी चौराहे पर निवासरत मृतक के ससुर ने बताया कि दामाद पर जिन लोगों का कर्ज था उनमें से 2 लोगो का कर्ज चुकाया गया और अभी नगर के कुछ कर्मचारियों का कर्ज अभी भी उस पर था हालांकि दामाद के अंतिम संस्कार में शामिल हो रहे ससुर कैमरे पर जल्दवाजी में कुछ नही बोले बाद मे मामले पर बात करने की बात कही और परिजनों से जानकारी लेने की बात कही गई।

वही घटना के बारे में एवं पर्याप्त साधनों के बावजूद कर्मचारी का शव खचरा गाड़ी में लाये जाने पर पूछे गये सवाल पर जबलपुर नाका चौकी प्रभारी बी.आर.पाण्डेय से की गई बात में बताया गया कि मृतक दमोह नगर पालिका के जल विभाग में पदस्थ था कर्मचारी का शव जिस वाहन से लाया गया वह कचड़ा गाड़ी नही थी जो सीधा थाना प्रभारी द्वारा आंखों में धूल झोंकने वाला कार्य प्रतीत दिखाई दिया।

वही हद तो तब हो गई जब शर्मशार करने वाली घटना के बाद नगर पालिका के cmo ने कहा कि मृतक का शव जिस वाहन से लाया गया है वह कचड़ा वाहन नही है वह लोडिंग वाहन हैं और कर्ज होने वाली बात जो पूछी गई तो ऐसी किसी घटना की जानकारी के मामले से अनजान बताया और हद तो तब हो गई जब नगर पालिका सीएमओ द्वारा बताया गया कि किसी कर्मचारी के द्वारा सुसाइड तो कर लिया गया लेकिन उनको कर्मचारी का नाम तक पता नहीं है

जी हां मैं आपको बता दूं कि पिछले बीते कई महीनों पहले भोपाल में घटी एक घटना को संज्ञान में लेते हुए मध्यप्रदेश शासन ने साहूकार अधिनियम एक्ट लागू कर ऐसे साहूकारो को जो लोगों को थोड़ी सी रकम देकर अपने मकड़जाल में फंसा लेते हैं और फिर उनसे निरंतर ब्याज वसूलते है जिसके चलते लोग आत्महत्या तक कर लेते हैं और यहां तक कि उन साहूकारों द्वारा उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है ऐसा ही मामला एक आज दमोह में देखने को मिला जहां एक साहूकार द्वारा
राजू रजक जोकि चंदवारा मडिया का निवासी बताया जा रहा है जिसने साहूकार बंटी ठाकुर से ₹50000 उधार लिए थे जो कि वह पहले ही लौटा चुका है आज वह ₹13000 ब्याज देने पहुंचा तो राजू को बंटी और छोटू विश्वकर्मा द्वारा चाकू मार दिया गया मध्य प्रदेश सरकार की नियत मुताबिक लोगों को साहूकारों के मकड़जाल से बचाने के लिए ही मध्यप्रदेश में साहूकार अधिनियम लागू किया गया है लेकिन जब साहूकारों के मकड़जाल से गिरे व्यक्ति थाने पहुंचते हैं तो उनसे तरह तरह के दस्तावेज सबूत मांगे जाते हैं जो कि वह देने में अक्षम है सिर्फ यह कहने से कि मैंने साहूकार से पैसे लिए है और वह हमें परेशान कर रहा है इस बात पर f.i.r. नहीं लिखी जाती ना ही उस साहूकार को बुलाकर पूछताछ की जाती है कि पीड़ित व्यक्ति सही कह रहा है या गलत कई बार तो यह भी देखने को आया कि साहूकार द्वारा मैसेज और ऑडियो में धमकी दी गई जो कि पुलिस को सुनवाई और लिखित आवेदन भी दिया लेकिन साहूकार पर कोई कार्यवाही नहीं हुई ऐसे कई मामले दमोह जिले में आ चुके हैं जो कि आवेदनों में सरकारी फाइलों में धूल फांक रहे और थाने कोतवालियों में महज यह कह कर आवेदन ले लिए जाते हैं कि देखते हैं इस पर कार्यवाही की जाएगी।

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