5 लाख हस्ताक्षरों के साथ गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग, दमोह में हजारों गौ भक्तों की विशाल रैली
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5 लाख हस्ताक्षरों के साथ गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग, दमोह में हजारों गौ भक्तों की विशाल रैली
दमोह। गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर हिंदू गौ रक्षा निस्वार्थ समिति द्वारा पिछले तीन माह से चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान का समापन सोमवार को विशाल ज्ञापन रैली के साथ हुआ। समिति के अनुसार अभियान के दौरान 5 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर एवं सहमति पत्र एकत्र किए गए, जिन्हें राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से सौंपा गया।

समिति का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल हस्ताक्षर एकत्र करना नहीं, बल्कि समाज में गौ माता के प्रति श्रद्धा और जागरूकता बढ़ाना भी था। अभियान के दौरान समिति के सदस्यों दीपक नेमा, सत्यम चौरसिया, नितिन चौरसिया, गुल्ले सोनी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने गौ माता के सम्मान में अपने रक्त से राष्ट्रपति के नाम पत्र भी लिखा, जिसमें गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने का आग्रह किया गया।

रैली में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पुराने थाने पर एकत्र हुए। राधारमण मंदिर से जुड़े भक्तों, भजन मंडलियों, महिलाओं एवं युवाओं ने “हरे राम-हरे कृष्ण” के जयघोष और भक्ति गीतों के साथ परंपरागत नृत्य करते हुए नगर में विशाल शोभायात्रा निकाली।

टॉकीज चौराहे पर मध्य प्रदेश लघु व्यापारी संघ द्वारा रैली का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया तथा जलपान की व्यवस्था की गई। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष तनुज पाराशर, प्रदेश महामंत्री शैलेंद्र जैन, जिला अध्यक्ष पंकज सोनी, मनोज जैन, कोमल रैकवार, अज्जू सोनी, शुभम सोनी, अरुण चौरसिया, अब्बू चौरसिया, उमेश महाराज, संदीप अहीरवाल, संदीप सोनी सहित बड़ी संख्या में व्यापारी संघ के सदस्य उपस्थित रहे।

इसके बाद रैली घंटाघर, अस्पताल चौराहा और कीर्ति स्तंभ होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, निस्वार्थ गौ सेवा समिति तथा विभिन्न हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपर कलेक्टर को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के साथ 5 लाख से अधिक हस्ताक्षरों की प्रतियां भी प्रस्तुत की गईं।
रैली के दौरान कलेक्टर के कार्यालय में उपस्थित नहीं रहने पर कुछ हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने नाराजगी भी व्यक्त की। उनका कहना था कि इस कार्यक्रम की जानकारी और प्रचार-प्रसार पिछले तीन माह से किया जा रहा था, इसके बावजूद कलेक्टर की अनुपस्थिति से कार्यकर्ताओं में असंतोष देखा गया।
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