दमोह में कानून व्यवस्था पर फिर सवाल: हटा नाका शासकीय शराब दुकान पर हमला, तोड़फोड़ के बाद लूट की वारदात!
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दमोह में कानून व्यवस्था पर फिर सवाल: हटा नाका शासकीय शराब दुकान पर हमला, तोड़फोड़ के बाद लूट की वारदात!
दमोह। जिले में लगातार सामने आ रही हत्या, लूट और चाकूबाजी की घटनाओं के बीच आज रात शहर की हटा नाका स्थित शासकीय शराब दुकान पर हुई तोड़फोड़ और कथित लूट की घटना ने कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रात करीब 8 बजे एक फोर-व्हीलर वाहन से पहुंचे कुछ असामाजिक तत्वों ने शराब दुकान के सामने वाहन खड़ा कर दिया। वाहन हटाने को लेकर हुए विवाद के बाद आरोपियों ने उग्र रूप धारण कर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन्होंने पहले दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों को क्षतिग्रस्त किया, फिर पत्थरबाजी करते हुए दुकान में घुसकर तोड़फोड़ की। बताया जा रहा है कि उत्पात मचाने के बाद आरोपी शराब की बोतलें और नकदी लेकर फरार हो गए।
दमोह में बेखौफ बदमाशों का तांडव पलंदी चौराहे पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा लोगों के साथ मारपीट एवं शराब खोरी

घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। हालांकि समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से घटना के संबंध में आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत बयान सामने नहीं आया था।
स्थानीय लोगों के बीच इस घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसे शराब ठेकेदारों की आपसी रंजिश से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, यदि लूट और तोड़फोड़ की घटना हुई है तो यह गंभीर आपराधिक मामला है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

लगातार बढ़ते अपराधों पर उठ रहे सवाल
दमोह जिले में हाल के दिनों में हत्या, लूट, चाकूबाजी और अन्य गंभीर अपराधों की घटनाओं में बढ़ोतरी को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में शासकीय शराब दुकान पर हमला होने से लोगों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।
कुछ दिन पहले ही सिटी कोतवाली के सामने स्थित तहसील ग्राउंड में सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने की शिकायतों के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों को पकड़ा था। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि सार्वजनिक स्थानों पर असामाजिक तत्व बेखौफ होकर शराबखोरी और उपद्रव कर सकते हैं, तो यह कानून का भय कम होने का संकेत माना जा रहा है।

नागरिकों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई और सतत निगरानी की जाए, तो ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।
अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि हटा नाका शराब दुकान पर हुए हमले और कथित लूट के आरोपियों तक पुलिस कितनी जल्दी पहुंचती है और घटना के पीछे की वास्तविक वजह क्या सामने आती है।
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