नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 81090 62404 , +91 81090 62404 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , रजिस्ट्री कार्यालय में क्या चल रहा था? कलेक्टर के छापे में मिला अलग टोकन रजिस्टर, जब्त कराई गईं प्रविष्टियां! – DB News – Danger Bharat News

लाइव कैलेंडर

October 2026
M T W T F S S
« Sep    
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  

LIVE FM सुनें

DB News – Danger Bharat News

www.dangerbharatnews.com

रजिस्ट्री कार्यालय में क्या चल रहा था? कलेक्टर के छापे में मिला अलग टोकन रजिस्टर, जब्त कराई गईं प्रविष्टियां!

1 min read
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

रजिस्ट्री कार्यालय में क्या चल रहा था? कलेक्टर के छापे में मिला अलग टोकन रजिस्टर, जब्त कराई गईं प्रविष्टियां!

जमीन की रजिस्ट्री में गड़बड़ी और राजस्व हानि की शिकायतों पर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव सख्त, टेबल पर रखी नकदी को लेकर भी हुई पूछताछ
दमोह। जमीन की रजिस्ट्री में कथित अनियमितताओं, आम नागरिकों से अनावश्यक शुल्क वसूली और शासन को राजस्व हानि पहुंचने की आशंकाओं को लेकर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने संबंधित पंजीयक कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ऑनलाइन पंजीयन व्यवस्था के बावजूद अलग रजिस्टर में टोकन संबंधी प्रविष्टियां किए जाने का मामला सामने आया। कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित रजिस्टर जब्त करा लिया गया है। मामले में जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण से पंजीयन कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब जांच के जरिए यह स्पष्ट होगा कि अलग रजिस्टर में टोकन संबंधी प्रविष्टियां किस उद्देश्य से की जा रही थीं और इस प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन हो रहा था या नहीं।
ऑनलाइन व्यवस्था के बावजूद अलग रजिस्टर में टोकन की एंट्री!
शासन द्वारा संपदा 2.0 पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन व्यवस्था लागू की गई है। इसके अंतर्गत टोकन बुकिंग और जनरेशन की प्रक्रिया ऑनलाइन होती है तथा संबंधित व्यक्ति को संदेश भी प्राप्त होता है। इसके बावजूद निरीक्षण के दौरान कार्यालय में अलग रजिस्टर के माध्यम से टोकन संबंधी प्रविष्टियां किए जाने की बात सामने आई।


इस पर कलेक्टर ने सवाल उठाते हुए संबंधित रजिस्टर जब्त कराने के निर्देश दिए। अब जांच में यह महत्वपूर्ण होगा कि इस रजिस्टर में दर्ज प्रविष्टियों का ऑनलाइन रिकॉर्ड से मिलान करने पर क्या स्थिति सामने आती है और क्या निर्धारित प्रक्रिया से हटकर कोई काम किया जा रहा था।
जमीन के असली मालिक के अधिकारों पर खतरे की आशंका
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि आम नागरिकों से भूमि पंजीयन में अनियमितताओं और संभावित धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इनमें भूमि स्वामी के नाम में हेरफेर अथवा मिलते-जुलते नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर दूसरे व्यक्ति की जमीन का विक्रय कराने जैसी आशंकाएं भी शामिल हैं।ऐसी अनियमितताएं वास्तविक भूमि स्वामी के अधिकारों को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए भूमि के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों की समुचित जांच और पंजीयन के दौरान निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है।


नजूल और प्रतिबंधित भूमि के हस्तांतरण पर भी उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान नजूल भूमि तथा ऐसी भूमि, जिसके हस्तांतरण पर नियमानुसार प्रतिबंध या अनुमति की शर्तें लागू हैं, उनके विक्रय से संबंधित अनियमितताओं की आशंकाओं का भी उल्लेख किया गया।
नियमानुसार आवश्यक अनुमति के बिना ऐसी भूमि का हस्तांतरण गंभीर मामला हो सकता है। कलेक्टर ने पंजीयन प्रक्रिया में नियमों के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया।इसके अतिरिक्त कॉलोनियों में निर्मित मकानों के पंजीयन के दौरान उन्हें मकान के बजाय केवल योजना के रूप में दर्शाए जाने की शिकायतें भी सामने आई थीं। यदि जांच में ऐसी गड़बड़ियां प्रमाणित होती हैं, तो स्टाम्प ड्यूटी सहित अन्य राजस्व की हानि का मामला बन सकता है।टेबल पर रखी नकदी को लेकर भी पूछताछ
औचक निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने एक चेंबर में टेबल पर रखी राशि के संबंध में भी पूछताछ की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वहां मौजूद एक युवक ने राशि को सर्विस प्रोवाइडर की बताया, जबकि सर्विस प्रोवाइडर ने कहा कि वह राशि किसी को देने के लिए लाया था।
राशि का वास्तविक स्रोत, उसका उद्देश्य और उससे संबंधित परिस्थितियां अभी जांच का विषय हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पुलिस जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


जांच के बाद खुलेगी अनियमितताओं की परतें
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के औचक निरीक्षण के बाद अब पंजीयक कार्यालय में अपनाई जा रही प्रक्रिया, जब्त रजिस्टर में दर्ज प्रविष्टियों, ऑनलाइन रिकॉर्ड और नकदी से संबंधित तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब टोकन बुकिंग और पंजीयन की व्यवस्था ऑनलाइन है, तो अलग रजिस्टर में प्रविष्टियां करने की आवश्यकता क्यों पड़ी? इसका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल रजिस्टर जब्त किया जा चुका है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की बात कही गई है।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now

You may have missed