नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 81090 62404 , +91 81090 62404 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , दमोह जिले के आयकर विभाग को किया गया नरसिंहपुर शिफ्ट 1971 मैं दमोह में की गई थी इसकी शुरुआत! पीएम नरेंद्र मोदी की लघु व्यापारी मान धन योजना में रुचि नहीं दिखा रहे छोटे उद्यमी, 3 करोड़ का लक्ष्य, अब तक सिर्फ 36,000 नामांकन! – DB News – Danger Bharat News

लाइव कैलेंडर

May 2026
M T W T F S S
« Apr    
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

LIVE FM सुनें

DB News – Danger Bharat News

www.dangerbharatnews.com

दमोह जिले के आयकर विभाग को किया गया नरसिंहपुर शिफ्ट 1971 मैं दमोह में की गई थी इसकी शुरुआत! पीएम नरेंद्र मोदी की लघु व्यापारी मान धन योजना में रुचि नहीं दिखा रहे छोटे उद्यमी, 3 करोड़ का लक्ष्य, अब तक सिर्फ 36,000 नामांकन!

1 min read
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

लघु व्यापारियों को कैसे मिलेगी मानधन योजना के बारे में जानकारी के लिए मध्य प्रदेश लघु व्यापारी संघ जिलाध्यक्ष तनुज पाराशर मोहन टॉकीज के बाजू में संपर्क कर सकते हैं

दमोह जिले के आयकर विभाग को किया गया नरसिंहपुर शिफ्ट
1971 मैं दमोह में की गई थी इसकी शुरुआत जीएसटी लागू होने के बाद इस कार्यालय की जरूरत पर संज्ञान लेते हुए 1971 में दमोह जिले में आयकर विभाग कार्यालय खोला गया था जिसकी आज जीएसटी के बाद जरूरत नहीं होने के कारण दमोह जिले से आयकर विभाग नरसिंहपुर शिफ्ट हो गया है इसकी प्रमुख वजह दमोह जिले में नान जीएसटी व्यापारी सर्व अधिक याने की लघु व्यापारियों की संख्या अधिक होने के कारण यह निर्णय लिया गया है दमोह जिले में लघु व्यापारियों की संख्या सर्वाधिक होने के कारण यहां पर आयकर विभाग का कार्यालय और उस में पदस्थ कई कर्मचारियों की तनख्वाह मिलाकर भी दमोह जिले से इतना टैक्स नहीं वसूला जा रहा है जिससे आयकर विभाग को दमोह जिले से नरसिंहपुर शिफ्ट!


करने का निर्णय लिया गया दमोह जिले में सबसे ज्यादा लघु व्यापारी और सूक्ष्म व्यापारी की तादाद सर्वाधिक है! इससे आप खुद ही समझ सकते हैं कि इस विभाग का दमोह जिले में होने का कोई मतलब नहीं है गिने चुने ही व्यापारी ही जीएसटी के दायरे में है कुछ ही व्यापारियों के लिए इतना बड़ा विभाग दमोह जिले में खोलने का कोई मतलब नहीं है आने वाले समय में केंद्र सरकार द्वारा कुटीर उद्योग और लघु व्यापारी उद्योगों को बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं दमोह जिले के मारुताल में इंडस्ट्रियल एरिया बनाया जा रहा है अगर भविष्य में जरूरत के हिसाब से दमोह जिले में आयकर विभाग पुनह स्थापित किया जाएगा जो भी व्यापारी इस विभाग को दमोह में रखने की गुजारिश या प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं उन्हें भी सोचना चाहिए कि आपकी दुकान में अगर एक कर्मचारी की जरूरत है तो आप 10 कर्मचारी कैसे लगा सकते हैं और उन 10 कर्मचारियों के लिए तनख्वाह के साथ अन्य व्यवस्थाएं कैसे दे सकते हैं यही सब बातें सोच कर प्रशासन द्वारा कुछ समय के लिए आयकर विभाग दमोह जिले से शिफ्ट किया जा रहा है इसका मतलब यह नहीं कि दमोह में आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा सर्वाधिक आत्मनिर्भर भारत के लिए दमोह में सबकुछ वह किया जा रहा है जिससे दमोह की तरक्की हो और सरकार को भी राजस्व का फायदा हो!

पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से लॉन्च की गई प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना को लेकर छोटे कारोबारियों और दुकानदारों के बीच बेहद कम उत्साह देखने को मिल रहा है। 12 सितंबर को लॉन्च की गई इस स्कीम के तहत देश के 3 करोड़ लघु कारोबारियों, उद्मियों और दुकानदारों को 3,000 रुपये मासिक पेंशन देने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि अब तक 7 महीने में सिर्फ 36,477 लोगों ने ही इस स्कीम के लिए नामांकन कराया है। योजना के लिए लॉन्च किए गए!

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now