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चुनाव से पहले नेता करते हैं जन आशीर्वाद यात्रा चुनाव के बाद जनता लेती है नेताओं से आशीर्वाद! इस स्टेटस सिंबल का आज प्रधानमंत्री ने किया अंत! डेंजर भारत प्रमुख तनुज पाराशर

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चुनाव से पहले नेता करते हैं जन आशीर्वाद यात्रा चुनाव के बाद जनता लेती है नेताओं से आशीर्वाद! इस स्टेटस सिंबल का आज प्रधानमंत्री ने किया अंत

आज पश्चिम बंगाल की रैली में प्रधानमंत्री ने अपने नेताओं को बहुत बड़ी सीख देने का प्रयास किया मोदी जी जब रैली को संबोधित करने मंच पर पहुंचे तो भारी संख्या में लोग उनके पैर छूने के लिए पहुंचे तब उन्होंने सभी को मना किया कि पैर मत छुएये नेता ऐसे ही होते हैं जो दूसरों को नसीहत बने ।प्रधानमंत्री द्वारा नेताओं में स्टेटस सिंबल बना लाल बत्ती की गाड़ी को हटाकर उन्होंने एक मिसाल पेश की थी! अब भारत के कई नेताओं में यह देखने की होड़ मची हुई है ।

पैर छूना ही एक राजनीतिक स्टेटस सिंबल बन गया है इसको भी प्रधानमंत्री ने आज अपने मंच से हटाने का प्रयास किया और सभी नेताओं को सीख देते हुए अपने पैर छूने से मना कर दिया। अब उन नेताओं को भी सोचना चाहिए जो जनता को अपना गुलाम समझकर पैर पड़वाते हैं और बहुत खुश होते हैं!

इस स्टेटस सिंबल को खत्म करने का प्रयास तो पूर्व में हुए कुंभ के बाद प्रधानमंत्री द्वारा बाल्मीकि समाज के सभी सफाई कर्मियों का पैर धोकर सम्मान कर सभी को यह पैगाम दे दिया था!

चुनाव के वक्त जो नेता जन आशीर्वाद यात्रा निकालते हैं वही नेता चुनाव के बाद उसी जनता से पैर पड़वाते दिखाई देते हैं और पैर पडवाने के लिए अपना स्टेटस सिंबल मानते हैं जो व्यक्ति पैर नहीं पड़ता उस पर उस नेता की वक्र दृष्टि पड़ जाती है और उसके काम नहीं बनते यही वजह है कि लोगों को नेताओं के पैर पड़ना एक मजबूरी हो जाती है और नेताओं को अपना स्टेटस सिंबल पाकर बहुत खुशी मिलती है अब देश के प्रधानमंत्री ने इस स्टेटस सिंबल को भी खत्म करने की शुरुआत पश्चिम बंगाल के मंच से आज कर दी है!


आज अनूप चक्रवर्ती जब प्रधानमंत्री के पैर छूने के लिए पहुंचे तो उन्होंने उन्हें मना ही नहीं किया बल्कि मंच पर ही उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया अनूप चक्रवर्ती अनुसूचित जाति का प्रति निधितृव करते हैं ! यह सब भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को एक बहुत बड़ी शिक्षा देने का प्रयास किया गया! अब देखना होगा कि नेता कितना इस बात पर अमल करते हैं

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