नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 81090 62404 , +91 81090 62404 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , प्रशासन द्वारा वुलाई गई पत्रकार वार्ता से पत्रकारों ने वनायी दूरी। मात्र श्रमजीवी रहे मौजूद। – DB News – Danger Bharat News

लाइव कैलेंडर

April 2026
M T W T F S S
« Mar    
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  

LIVE FM सुनें

DB News – Danger Bharat News

www.dangerbharatnews.com

प्रशासन द्वारा वुलाई गई पत्रकार वार्ता से पत्रकारों ने वनायी दूरी। मात्र श्रमजीवी रहे मौजूद।

1 min read
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

*प्रशासन द्वारा वुलाई गयी पत्रकार वार्ता से पत्रकारों ने वनायी दूरी*

*आधार को वोटर कार्ड से लिंक कराने की योजना का करना था प्रचार तो याद आया मीडिया*

दमोह। एक ओर कलेक्टर दमोह कहते हैं कि मीडिया सीधे लोगों से जुड़ा है, लोगों से लगातार संपर्क में रहते है, लोगों को शासन की योजना के बारे में जानकारी नहीं होती उनको जानकारी देने के लिये आप सभी लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और आधार कार्ड को वोटर आईडी से लिंक कराने तथा लोगों को लेटेस्ट फीचर के बारे में अवगत कराने के लिए और कमीशन के द्वारा जो काम किया जा रहा है उसके बारे में बात करने के लिए आपको सवसे पहले पोर्टल पर जोडा जा रहा है।
परंतु इनका यह कथन त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान लागू होता नजर नहीं आया जव महत्वपूर्ण जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव के दौरान मीडिया को मतदान कक्ष के अंदर प्रवेश नहीं दिया गया और संपूर्ण कार्यवाही से वंचित रखा गया।

मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है जो जनतंत्र के नाम पर की जा रही समस्त कार्यवाहियों को अपनी तीसरी आंख से रिकार्ड कर हकीकत जनता के वीच पहुचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है पर जिला पंचायत अध्यक्ष उपाध्यक्ष चुनाव के दौरान मीडिया को एक किनारे करने और पूरी कार्रवाई के साक्षी वनने से दूर रखने के पीछे क्या छिपाने का प्रयास उस दौरान किये जाने की संभावना थी यह प्रश्न आज सभी लोग पूछ रहे हैं।

पत्रकारों का कहना है कि लोकतंत्र में वे चौथे स्तंभ के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं और शासन प्रशासन उन्हें अपने हिसाब ने खवर कवर करने या ना करने देने की कार्यप्रणाली नहीं अपना सकता। मीडिया के कार्य को अनावश्यक प्रभावित करना अनुचित और असहनीय है। इसीलिए उस एकतरफा कार्रवाई के विरोध में आज वुलाई गयी पत्रकार वार्ता से मात्र कुछ इकाई की संख्या में मीडिया कर्मियों को छोडकर अधिसंख्य पत्रकारों ने दूरी वनाकर अपना आक्रोश प्रशासन के समक्ष रख दिया है जिससे आगे इस तरह की तानाशाही न हो।

जिन्होंने नहीं जाने का वचन दिया था वही पहली पंक्ति में नजर आए।

पत्रकारों के पुराने संगठन के रूप में सबसे पुराना संगठन श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संगठन है जिसके प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भी इस प्रेस वार्ता में मौजूद रहे वह भी पत्रकारों की एकता के साथ खड़े नजर नहीं आए जिस पर कई पत्रकारों की राय श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संघ पर भिंन दिखाई दी।

 

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now